जागरण संवाददाता, वाराणसी : नवनिर्मित सड़कों से लगायत जिला पंचायत भवन में लगे शिलापट्ट पर जिला पंचायत अध्यक्ष का नाम 'श्रीमती पूनम कुंवर विरेन्द्र मौर्य' अंकित किए जाने को लेकर एक आरटीआइ दाखिल की गई है। जनसूचना अधिकारी जिला पंचायत व सक्षम अधिकारी को संबोधित पत्र में कई सवाल किए गए हैं।

कुछ यूं सवाल....

जनसूचना अधिकार अधिनयम -2005 के तहत दाखिल आरटीआइ का पहला प्रश्न है कि क्या वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष वाराणसी का नाम 'श्रीमती पूनम मौर्या' है। इसी क्रम में दूसरा सवाल है यदि प्रश्न संख्या एक का उत्तर 'हां' है तो कार्यालय जिला पंचायत वाराणसी की ओर से जारी 26 मई, 2022 के जारी पत्रांक में क्यों, समस्त अवर अभियंता को निर्देशित किया गया है कि जिला पंचायत के मार्गों के शिलापट्ट पर जिला पंचायत अध्यक्ष का नाम 'श्रीमती पूनम कुंवर विरेन्द्र मौर्य' अंकित हो।

यदि प्रश्न संख्या 'एक' यानी जिला पंचायत अध्यक्ष का नाम श्रीमती पूनम मौर्या नहीं है तो नाम कब बदला और किन सरकारी दस्तावेजों के आधार पर यह नाम बदला गया। कृपया प्रमाणित दस्तावेज देने का कष्ट करें....। प्रश्न संख्या एक का उत्तर हां है तो क्या संविधान किसी जनप्रतिनिधि को सरकारी योजनाओं में अपने सगे संबंधियों के नाम का प्रचार प्रसार करने की अनुमति देता है।

आरटीआइ दाखिल करने वाले राहुल कुमार सिंह को अभी तक कोई जवाब जन सूचना अधिकारी की ओर से नहीं मिला है। दूसरी तरफ इस संबंध में जानकारी के लिए अपर मुख्य अधिकारी अनिल कुमार सिंह को फोन मिलाया गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

हालांकि एक माह तक जवाब देने का मौका होता है। लेकिन विभाग में इसको लेकर हलचल शुरू हो गई है। दूसरी तरफ राजनीति गलियारों में भी इसकी चर्चा तेज हो गई है।

नाम क्या लिखा जा रहा पता नहीं

जिला पंचायत अध्यक्ष को फोन करने पर उनके पति कुंवर विरेन्द्र मौर्य ने फोन उठाया। कहा, ‘वह शादी में गई हैं। मामला, क्या आप बताएं। उन्होंने कहा कि नाम क्या लिखा है, जानकारी नहीं है। ’

Edited By: Saurabh Chakravarty

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