रविवार को इतिहास में कब-कब खुले बैंक? आम जनता के लिए तो पहली बार ही खुला है बैंक का काउंटर
रविवार 27 सितंबर 2026 को वाराणसी में पहली बार आम जनता के लिए बैंकों के काउंटर खोले गए, जो बैंकिंग ...और पढ़ें

वाराणसी में आम जनता के लिए पहली बार खुले बैंक काउंटर, 27 सितंबर 2026 बना ऐतिहासिक दिन।
HighLights
27 सितंबर 2026 को आम जनता के लिए बैंक काउंटर खुले।
यूपीआई के कारण बैंकों में सामान्य भीड़ ही देखी गई।
यह कदम ग्राहकों की सुविधा और बैंकिंग सुधार दर्शाता है।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। इस बार रविवार को बैंकिंग इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन दर्ज हुआ है। आम जनता के लिए पहली बार बैंकों के काउंटर रविवार को खोले गए। जागरण संवाददाता, वाराणसी के अनुसार, यूपीआइ, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया में तेजी आई है, जिसके चलते बैंक शाखाओं में असामान्य भीड़ नहीं देखी गई।
रविवार को बैंक खुलने के बावजूद, ग्राहकों की संख्या सामान्य दिनों की तरह ही रही। आवश्यक जमा-निकासी और अन्य कार्यों के लिए ही लोग बैंकों में पहुंचे। तीन दिनों की बैंक बंदी की घोषणा के बाद भी बैंकों में कोई अफरातफरी नहीं थी। बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं। 27 सितंबर 2026 का दिन बैंकिंग इतिहास में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इस दिन आम जनता के लिए बैंकों के काउंटर खोले गए।
इस बार, रविवार को बैंक खुलने से उन कर्मचारियों को भी सुविधा मिली जो अपनी नौकरी के कारण बैंक नहीं जा पा रहे थे। अब वे आराम से रविवार को बैंक जाकर अपने कार्य निबटा सके। रविवार को बैंकों के खुलने से न केवल ग्राहकों को सुविधा मिली है, बल्कि यह बैंकिंग प्रणाली के लिए भी एक सकारात्मक बदलाव है। यह कदम दर्शाता है कि बैंकिंग क्षेत्र में ग्राहकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सुधार किए जा रहे हैं।
बैंकों में तीन दिन रहेगी बंदी
बैंकिंग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ग्राहकों के लिए एक नई सुविधा है और इससे बैंकिंग सेवाओं में सुधार होगा। तीन दिनों की आंशिक बंदी के क्रम में, 28 सितंबर को हड़ताल का पहला दिन होगा, 29 सितंबर को दूसरा और 30 सितंबर को तीसरा दिन होगा। इसके बाद बैंक सामान्य रूप से खुलेंगे।
ग्राहकों के लिए मील का पत्थर बना
इस नई व्यवस्था से ग्राहकों को अपने वित्तीय कार्यों को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, यह कदम बैंकिंग सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रकार, 27 सितंबर 2026 का दिन बैंकिंग इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ है, जो भविष्य में भी ग्राहकों के लिए नई संभावनाएं खोलेगा।
बैंक पहले भी रविवार को खुले हैं
इससे पहले भी कुछ अवसरों पर रविवार को बैंक खोले गए थे, लेकिन आम जनता के लिए काउंटर बंद रहे। उदाहरण के लिए, 31 मार्च 2013 को वित्त वर्ष समाप्ति के कारण, 31 मार्च 2018 को और 31 मार्च 2019 को सरकारी लेनदेन के चलते बैंकों ने रविवार को काम किया। इसी तरह, 31 मार्च 2024 को भी सरकारी बैंक रविवार को खुले रहे।
