विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पहली बार आम जनता के ल‍िए रविवार को खुले बैंक के काउंटर, इत‍िहास में दर्ज हो गया 27 स‍ितंबर का द‍िन

By Prakash PandeyEdited By: Abhishek sharma
Published: Sun, 27 Sep 2026 02:53 PM (IST)

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक पहली बार आम जनता के लिए रविवार, 27 सितंबर को खोले गए। ...और पढ़ें

पहली बार रविवार को खुले बैंक काउंटर आम जनता के लिए, 27 सितंबर का दिन बना ऐतिहासिक।

पहली बार रविवार को खुले बैंक काउंटर आम जनता के लिए, 27 सितंबर का दिन बना ऐतिहासिक।

HighLights

  1. पहली बार रविवार को आम जनता के लिए बैंक खुले।

  2. तीन दिवसीय बैंक हड़ताल से पहले ग्राहकों को सुविधा मिली।

  3. वाराणसी में सामान्य भीड़ के साथ बैंकिंग कार्य निपटाए गए।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। काउंटर नंबर चार पर पता करिए, अभी सर्वर डाउन है। दूसरी तरफ से आवाज आई, “भैया, पैसा जमा करने के लिए फार्म चाहिए, कहां मिलेगा?” गार्ड ने काउंटर से फार्म निकालकर ग्राहक को थमा दिया। कोई रुपये जमा करने में लगा था तो कोई निकासी और दूसरे बैंकिंग काम निपटा रहा था। काउंटर पर कर्मचारी काम कर रहे थे।

माहौल किसी सामान्य कार्यदिवस जैसा था, लेकिन यह दिन रविवार का था। आमतौर पर रविवार को बंद रहने वाले बैंक खुले देखकर कुछ ग्राहक जरूर अचरज में दिखे। पहली बार रविवार को आम ग्राहकों के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक खोले गए।

सोमवार से प्रस्तावित तीन दिवसीय बैंक हड़ताल को देखते हुए ग्राहकों की सुविधा के लिए यह व्यवस्था की गई। 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित हड़ताल से पहले शनिवार और रविवार का अवकाश पड़ रहा था। लगातार कई दिन बैंकिंग सेवाएं बंद रहने से ग्राहकों को परेशानी न हो, इसके लिए रविवार को अतिरिक्त बैंकिंग सुविधा दी गई।

शाखाओं में रुपये जमा करने, निकासी, चेक और दूसरे बैंकिंग काम के लिए ग्राहक पहुंचे। कर्मचारियों ने काउंटर संभाले और सामान्य दिनों की तरह काम निपटाया। यूपीआइ, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल बढ़ने से शाखाओं पर अतिरिक्त दबाव नहीं दिखा। रोजमर्रा के कई लेनदेन डिजिटल माध्यम से होने के कारण रविवार को भी ग्राहकों की भीड़ सामान्य रही।

पहली बार ऐसी देशव्यापी विशेष व्यवस्था
27 सितंबर 2026 को सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सामान्य बैंकिंग के लिए खोले गए। इससे पहले रविवार को बैंक खोलने की व्यवस्थाएं मुख्य रूप से वित्त वर्ष के अंतिम दिन सरकारी लेनदेन करने वाली एजेंसी शाखाओं के लिए रही हैं। इस बार तीन दिवसीय प्रस्तावित हड़ताल से पहले ग्राहकों की सुविधा के लिए देशभर में सार्वजनिक क्षेत्र और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को रविवार को खोलने की विशेष व्यवस्था की गई।

आम दिनों में करीब 800 करोड़ का लेनदेन
वाराणसी में सामान्य दिनों में करीब 800 करोड़ रुपये का बैंकिंग लेनदेन होता है। रविवार को बैंक खुले रहने से ग्राहकों को हड़ताल शुरू होने से पहले जमा, निकासी और दूसरे जरूरी बैंकिंग काम निपटाने का अतिरिक्त अवसर मिला।

आनलाइन भुगतान ने घटाया शाखाओं का दबाव
यूपीआइ, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग के इस्तेमाल से बड़ी संख्या में भुगतान अब शाखा पहुंचे बिना हो रहे हैं। रविवार को बैंक खुले होने के बावजूद शाखाओं में असामान्य भीड़ नहीं रही। जरूरी जमा-निकासी और दूसरे काम के लिए ग्राहक पहुंचे। बैंकिंग सेवाएं सामान्य दिनों की तरह संचालित होती रहीं।

तीन दिन की आंशिक बंदी

  • 28 सितंबर - हड़ताल का पहला दिन
  • 29 सितंबर - हड़ताल का दूसरा दिन
  • 30 सितंबर - हड़ताल का तीसरा दिन

पहले भी रविवार को खुले बैंक लेकिन आमजनता के लिए नही

  • 31 मार्च 2013 - वित्त वर्ष समाप्ति पर सरकारी लेनदेन
  • 31 मार्च 2018 - वित्त वर्ष समाप्ति पर सरकारी कारोबार
  • 31 मार्च 2019 - सरकारी लेनदेन वाली एजेंसी शाखाएं
  • 31 मार्च 2024 - वित्त वर्ष के अंतिम दिन सरकारी