वाराणसी, जेएनएन। पूर्वांचल की ओर बादलों ने आखिरकार लगातार बढ़ रहे तापमान के बीच रुख कर ही लिया है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार बादलों की यह सक्रियता पश्चिम की ओर से हुई है। ऊपरी तौर पर हवा का रुख पछुआ होते ही पाकिस्तान से नम बादलों की सक्रियता होने के बाद यह पूर्वांचल की ओर बढ़ चले हैं। सुबह मध्य उत्तर प्रदेश तक ही यह पहुंच सके थे लिहाजा दोपहर बाद इनके पूर्वांचल तक आने की संभावना है।

बीते चौबीस घण्टों में वातावरण काफी गर्म भी रहा है। इस दौरान अधिकतम तापमान 41 डिग्री दर्ज किया गया जो पूर्व की अपेक्षा एक डिग्री अधिक था, जबकि न्यूनतम पारा 23.06 डिग्री दर्ज किया गया। यह अधिकतम तापमान इस सीजन में सर्वाधिक रहा है। इसकी वजह से घर में भी लोग पसीना पसीना होते रहे। मौसम विज्ञानियों के अनुसार बादलों की सक्रियता के बाद तापमान में गिरावट आएगी और पर्याप्त नमी मिली तो बादल बूंदाबांदी भी करा सकते हैं। हालांकि इसके बाद मौसम का रुख दोबारा कुछ दिन बाद ही बदलेगा और पारा 45 डिग्री भी पार कर जाएगा।

दूसरी ओर कृषि विज्ञानी मौसम का रुख खेती के प्रतिकूल बता रहे हैं। गेहूं भीगने का खतरा होने से नुकसान हो सकता है। हालांकि सब्जियों और जायद के लिहाज से यह मौसम काफी अनुकूल है। मगर अधिक बारिश से जहां गेहूं दलहन और तिलहन को नुकसान होगा वहीं तेज हवाओं से आम की फसल भी चौपट हो सकती है। पूर्वांचल में बादल हालांकि सुबह भी कई जगह दिखे मगर यह सामान्य स्थिति ही कही जा सकती है। अगर हवाओं का रुख वर्तमान सरीखा रहा तो बादलों का सघन डेरा भी जल्द आ सकता है। जिसकी वजह से पूर्वांचल के कई जिलों में बूँदाबादी और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। वहीं गर्मी का रुख बता रहा है कि मौसम अब तल्खी की ओर है और मानसून भी समय से पहुंचेगा।

Posted By: Abhishek Sharma

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