वाराणसी, जेएनएन। पूर्वांचल में बुलबुल चक्रवात के असर से तापमान में मामूली इजाफा होने के बाद अब मौसम का रुख एक बार फ‍िर अगले चौबीस घंटों बाद बदलने जा रहा है। पश्चिम की ओर से ठंडी हवाओं का रुख अब मैदानी इलाकों की ओर धीरे धीरे होने लगा है जिससे आने वाले सप्‍ताह में पूर्वांचल में ठंड की स्थिति में और परिवर्तन होगा। हालांकि सोमवार की सुबह मामूली कोहरे का असर रहा और सूरज उगते ही वह असर भी खत्‍म हो गया और सूर्य की पर्याप्‍त धूप जमीन पर पड़ी तो ठंड का असर भी दिन चढ़ने के साथ ही जाता रहा। 

पहाडों पर इन दिनों रह रहकर हो रही बारिश और बर्फबारी से जहां जनजीवन प्रभावित होने लगा है वहीं दूसरी ओर पहाड़ों पर पड़ रही ठंडक का असर भी अब मैदानी इलाकों की ओर होने की स्थितियां बनने लगी हैं। पश्चिम की ओर से आने वाली ठंडी हवाओं और कोहरे के साथ ही शीत का भी व्‍यापक असर अब जल्‍द दिखने लगेगा। आने वाले पखवारे में न्‍यूनतम तापमान 15 डिग्री से भी नीचे चला जाएगा जो दिसंबर माह के पहले पखवारे तक गिरकर दस डिग्री से भी नीचे पहुंच जाएगा। इसी के साथ ही पूर्वांचल में ठंड का व्‍यापक असर दिखेगा और वर्ष के अंतिम पखवारे में तापमान पांच डिग्री से भी नीचे जाने की उम्‍मीद है।

बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्‍य रहा वहीं न्‍यूनतम पारा 17.6 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्‍य से दो डिग्री अधिक था। इस दौरान आर्द्रता अधिकतम 79 और न्‍यूनतम 68 फीसद दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानियों के अनुसार पूर्वांचल में अगले एक दो दिन में चक्रवात का असर खत्‍म होने के साथ ही ठंड का दोबारा असर शुरू होगा और पूर्वांचल के साथ ही मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ेगी। हालांकि पूर्वी उत्‍तर प्रदेश में अभी कोहरे का व्‍यापक असर नहीं हुआ है मगर मौसम विभाग के अनुसार कोहरा 15 नवंबर के बाद दोबारा असर दिखाएगा। 

Posted By: Abhishek Sharma

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