जौनपुर, जागरण संवाददाता। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) को समूह की महिलाओं को सशक्त बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी 1740 ग्राम पंचायतों में विलेज आर्गेनाइजेशन का गठन किया जाएगा। सात समूहों वाले गांव में विलेज आर्गेनाइजेशन बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य समूहों की संख्या बढ़ाए जाने के साथ ही इन्हें आपस में जोड़ना भी है। समूहों का कार्यालय होने से सूचनाओं के आदान-प्रदान के साथ ही कार्य करने में सहूलियत होगी। इसके साथ ही डिस्ट्रिक्ट मिशन मैनेजर (डीएमएम) को महिलाओं तक सरकार की योजनाएं पहुंचाना भी आसान हो जाएगा। इस प्रक्रिया से ग्रामीण म‍हिलाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल जाएंगे और गांव की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।

मौजूदा समय में जिले में 2628 स्वयं सहायता समूह

मौजूदा समय में जिले में 2628 स्वयं सहायता समूह हैं। इसमें सक्रिय महज 1527 ही हैं। जिसमें 13 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। सभी अलग-अलग क्षेत्र में निपुण हैं। अब 1141 निष्क्रिय समूहों की पहचान कर इन्हें सक्रिय किया जाएगा। समूह से जुड़ी महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए उन्हें उनके हुनर के हिसाब से प्रशिक्षित किया जाएगा।

सात समूहों वाले गांव में बनेगा विलेज आर्गेनाइजेशन

सात समूहों वाले गांव में विलेज आर्गेनाइजेशन बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य समूहों की संख्या बढ़ाए जाने के साथ ही इन्हें आपस में जोड़ना भी है। समूहों का कार्यालय होने से सूचनाओं के आदान-प्रदान के साथ ही कार्य करने में सहूलियत होगी। इसके साथ ही डिस्ट्रिक्ट मिशन मैनेजर को महिलाओं तक सरकार की योजनाएं पहुंचाना भी आसान हो जाएगी।

प्रत्येक गांव में विलेज आर्गेनाइजेशन बनाने का निर्देश

समूह की महिलाओं को मजबूती देने के लिए प्रत्येक गांव में विलेज आर्गेनाइजेशन बनाने का निर्देश मिला है, जिस पर कार्य शुरू कर दिया गया है। इस पहल से समूह की महिलाओं को विकास की योजनाओं में भागीदारी बढ़ेगी। सभी के प्रशिक्षण पर भी खास ध्यान दिया जाएगा।

-भूपेंद्र सिंह, उपायुक्त एनआरएलएम।

Edited By: Saurabh Chakravarty