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दीपावली पर शगुन वाली सब्जी पहुंचने लगी पहड़िया सब्जी मंडी, बिहार के सूरन की बहार तो आंध्र के सूरन की आवक थमी

By Sonu SinghEdited By: Abhishek sharma
Published: Sun, 04 Oct 2026 12:35 PM (IST)

दीपावली के लिए शुभ मानी जाने वाली सूरन (कंद) की आवक वाराणसी की मंडियों में शुरू हो गई है। बिहार ...और पढ़ें

दीपावली पर शुभ सूरन की बहार, वाराणसी मंडी में बिहार का दबदबा।

दीपावली पर शुभ सूरन की बहार, वाराणसी मंडी में बिहार का दबदबा।

HighLights

  1. दीपावली के लिए शुभ सूरन की आवक वाराणसी में शुरू।

  2. बिहार से सूरन की आपूर्ति बढ़ी, आंध्र प्रदेश से आवक कम।

  3. थोक भाव 25-30 रुपये, फुटकर में 35-45 रुपये प्रति किलो।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। दीपावली के अवसर पर कांद या सूरन की सब्जी पूर्वांचल सहित उत्तर प्रदेश में सगुन के रूप में अनिवार्य रूप से बनाई जाती है। इस समय, लंबे समय तक स्टोर होने वाली सब्जी होने के कारण व्यापारी अपनी आढ़त पर शुभता की कामना के साथ सूरन को सजाने लगे हैं।

पहड़िया मंडी और आसपास के बाजारों में इन दिनों बिहार के सूरन की आवक में वृद्धि देखी जा रही है। बिहार से आने वाले सूरन का थोक भाव 25 से 30 रुपये प्रति किलो है, जबकि फुटकर बाजार में इसकी कीमत 35 से 45 रुपये प्रति किलो चल रही है। वहीं, आंध्र प्रदेश से आने वाले सूरन की आवक अब लगभग समाप्त हो चुकी है।

मंडी के व्यापारी धनंजय मौर्य, भोला जायसवाल, सतीश और सोईन ने बताया कि इस समय बाजार में बिहार का सूरन प्रमुखता से उपलब्ध है। मंडी में प्रतिदिन लगभग पांच से सात पिकअप सूरन की खपत हो रही है। व्यापारियों के अनुसार, दीपावली से पहले पूर्वांचल और आसपास के क्षेत्रों से देशी सूरन की आवक भी शुरू हो जाएगी। स्थानीय सूरन की आवक बढ़ने के बाद इसके दाम में कमी आने की संभावना है।

इस प्रकार, दीपावली के इस पर्व पर सूरन की उपलब्धता और उसके भावों में उतार-चढ़ाव का बाजार पर गहरा प्रभाव पड़ता है। व्यापारी इस अवसर का लाभ उठाने के लिए तैयार हैं और ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता की सब्जी उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं।

इस साल, बिहार के सूरन की बढ़ती आवक ने बाजार में एक नई हलचल पैदा कर दी है। व्यापारी इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि दीपावली के समय में सूरन की मांग और बढ़ेगी, जिससे उन्हें लाभ होगा। वहीं, आंध्र प्रदेश से सूरन की आवक में कमी आने से बाजार में प्रतिस्पर्धा भी कम हुई है।

इस प्रकार, दीपावली के इस पर्व पर सूरन की सब्जी की मांग और आपूर्ति का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। व्यापारी इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि ग्राहकों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण सब्जी उपलब्ध कराई जाए।

इस साल की दीपावली पर सूरन की उपलब्धता और उसके भावों में उतार-चढ़ाव का बाजार पर गहरा प्रभाव पड़ता है। व्यापारी इस अवसर का लाभ उठाने के लिए तैयार हैं और ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता की सब्जी उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं।

दीपावली के इस पर्व पर सूरन की उपलब्धता और उसके भावों में उतार-चढ़ाव का बाजार पर गहरा प्रभाव पड़ता है। व्यापारी इस अवसर का लाभ उठाने के लिए तैयार हैं और ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता की सब्जी उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं।