जागरण संवाददाता, वाराणसी : राजस्थान से आ रही पछुआ हवा लोगों को झुलसा दे रही है। ऐसा लग रहा है कि आसमान लावा बन गया है। ऊपर से आग बरस रही है। इसके कारण लोग अनावश्यक घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं। सोमवार को अधिकतम पारा सबसे अधिक 44.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इसके साथ ही न्यूनतम तापमान भी 28.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के कारण रात का भी लोगों को भीषण गर्मी की मार झेलनी पड़ रही है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि लोगों को भीषण गर्मी अभी और झेलनी पड़ेगी। हालांकि अभी भी हल्की बारिश के आसार बने हुए हैं।

प्रसिद्ध मौसम विज्ञानी एवं बीएचयू के आचार्य प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव बताते हैं कि पश्चिम से आ रही गर्म पछुआ हवा के कारण लू जैसी स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बताया कि अभी कई दिनों तक ऐसे ही मौसम बने रहने की संभावना है। हां, इतना जरूर है कि दोपहर में कभी हल्की बारिश की भी उम्मीद बनी हुई है। बताया कि वहीं अगर अर्ली मानसून आता भी है तो केरल में ही आएगा। यहां कब पहुंचेगा इसके बारे में सटिक भविष्यवाणी कर पाना मुश्किल है।

तिथि अधिकतम न्यूनतम

13 मई 43.6 27.6

14 मई 42.2 27.6

15 मई 43.6 27.0

16 मई 44.4 28.0

भीषण गर्मी में गर्म मौसम की मार इन दिनों जोरों पर है। भीषण गर्मी और उमस के बीच दिन में चलने वाली हवा भी मानो आंच और तपिश के साथ चल रही हो। मगर, इन सभी चुनौतियों के बीच राहत की बात यह है कि बहु प्रतीक्षित मानसून ने देश में अंडमान निकोबार द्वीप समूह में सक्रियता के साथ अपनी दस्तक दे दी है। इस लिहाज से देश में मानसून ने इस बार करीब सप्ताह भर पहले ही दस्तक दे दी है।

बीते वर्ष 13 जून को सोनभद्र के रास्ते मानसून ने पूर्वांचल में दस्तक दी थी और लखनऊ तक मानसूनी बादलों की सक्रियता एक दिन में हो गई थी। इस बार मानसून छह दिन पहले ही आ चुका है, ऐसे में मानसून की सक्रियता इसी प्रकार बनी रही तो 12-15 जून के बीच मानसून पूर्वांचल में सक्रिय हो जाएगा। किसी कारणवश अगर देरी भी हुई तो 16-20 जून तक मानसूनी सक्रियता का दौर वाराणसी में नजर आने लगेगा। मौसम विभाग ने हालांकि अनुमानों के अनुसार 20 जून को वाराणसी में मानसूनी सक्रियता का अंदेशा जताया है। ऐसे में अगले 25 दिनों के बाद मानसूनी सक्रियता पूर्वांचल में हो सकती है। इसके बाद बादल भी बनेंगे और बूंदाबांदी भी खूब होगी।

Edited By: Saurabh Chakravarty