जागरण संवाददाता, वाराणसी : बादलों के छंट जाने से चलते अधिकतम तापमान जहां दो डिग्री सेल्सियस बढ़कर सामान्य से तीन डिग्री ऊपर 38 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, न्यूनतम तापमान में 1.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़त ने इसे सामान्य से एक डिग्री ऊपर 27.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा दिया।

हालांकि काफी ऊंचाई पर शुष्क बादलों की आवाजाही बनी रही। इसके चलते उनकी ओट से तिरछी होकर पृथ्वी तक आती सूरज की किरणों का तीखापन काफी बढ़ गया था। पूरे दिन भीतर उसम भरी गर्मी तो बाहर निकलने पर चमड़ी झुलसाती धूप ने लोगों का जीना हराम कर दिया। देर शाम को शहर में कहीं बूंदाबांदी तो कहीं रिमझिम वर्षा ने कुछ सुकून तो अवश्य दिया लेकिन इसके थमते ही उमस और बढ़ गई।

ज्यादातर समय धूप रहेगी। आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। बादलों की ओट से तीखी धूप व उमस भरी गर्मी से पसीना निचुड़ता रहेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं-कहीं दाेपहर बाद या रात में बूंदाबांदी हो सकती है। दिन में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम 29 डिग्री के आसपास रह सकता है। पूर्वानुमान अधिकतम न्यूनतम कल 38 28 परसों 38 28 (तापमान डिग्री सेल्सियस में) रहेगा।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि गुरुवार को बादल आ सकते हैं और कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि औसत वर्षा के आसार अब अगले सप्ताह ही बने तो बनें, इस सप्ताह ऐसी कोई संभावना नहीं दिखती। कारण कि पानीदार बादल अब दक्षिण की ओर बढ़ चले हैं।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के आसमान में बादलों की सघनता कम हाेने व हवा विपरीत होने से फिलहाल अच्छी वर्षा के आसार क्षीण हो चले हैं। लोगों को इस पूरे सप्ताह भर उमस भरी गर्मी के लिए तैयार रहना होगा। इस बीच बहुत हुआ तो स्थानीय उष्णता और भरपूर नमी के चलते कहीं-कहीं, कभी-कभार सुबह के समय या दोपहर के बाद बूंदाबांदी भर हो सकती है। बीएचयू में मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव कहते हैं कि अभी इधर तीन-चार दिनों तक तो धूप का ही प्रभाव अधिक रहेगा। हालांकि संभावना है कि बादलों की आवाजाही के चलते तापमान इससे ज्यादा नहीं बढ़ पाएगा।

Edited By: Saurabh Chakravarty