वाराणसी में जलभराव पर बड़ी कार्रवाई, जल निगम के एक्सईएन हुए निलंबित
जलभराव की समस्या पर कार्रवाई करते हुए वाराणसी में जल निगम के अधिशासी अभियंता पवन कुमार गुप्ता को निलंबित कर ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।
HighLights
जल निगम के अधिशासी अभियंता पवन कुमार गुप्ता निलंबित।
चौकाघाट पंपिंग स्टेशन और गोईठहां एसटीपी के पंप बंद रहे।
वरुणा नदी के पलट प्रवाह रोकने की योजना नहीं बनी।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। शहर में जलभराव की समस्या को लेकर शासन स्तर से हुई कार्रवाई में जल निगम के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) पवन कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। तीन और चार सितंबर को भारी बारिश के दौरान चौकाघाट सीवेज पंपिंग स्टेशन और गोईठहां एसटीपी के पंप बंद रहने, वरुणा नदी के पलट प्रवाह (बैक फ्लो) को रोकने के लिए जरूरी गेट या बैरियर की कार्ययोजना नहीं बनाने को कार्रवाई का आधार बनाया गया है।
जांच में सामने आया कि बारिश के दौरान समय से पंप नहीं चलने से सीवर लाइनों पर दबाव बढ़ा और शहर के निचले इलाकों में जलभराव हुआ। इसी दौरान गंगा का जलस्तर 70 मीटर से अधिक होने से वरुणा में आई बाढ़ का पलट प्रवाह बढ़ा। निलंबित एक्सईएन ने भी कहा कि नगर निगम और सिंचाई विभाग को मिलकर इस समस्या पर काम करना चाहिए था।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने 12 और 13 सितंबर को वाराणसी दौरे में अंधरापुल, दुर्गाकुंड समेत जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया था। जलभराव पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने पर्याप्त पंप लगाने, सीवर चेंबर से सिल्ट निकालने और खुले नालों व सीवर को ढंकने के निर्देश दिए थे।
गौरतलब है कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीते शनिवार को इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर वाराणसी की जल निकासी व्यवस्था और विकास माडल पर सवाल उठाते हुए प्रदेश और केंद्र सरकार पर तीखा तंज कसा था।
उन्होंने काशी को ‘प्रधान नगरी’ बताते हुए कहा कि विदेशी पर्यटकों के सामने यह नगरी जलमग्न विकास की तस्वीर पेश कर रही है। महापौर अशोक कुमार तिवारी ने हालांकि इसका जवाब देते हुए कहा था कि अखिलेश यादव को बनारस की कम जानकारी है या उनका सूचना तंत्र कमजोर है।
