वाराणसी में पत्नी से विवाद के बाद डॉक्टर ने किया सुसाइड, इंजेक्शन लगाकर दी जान
हेरिटेज अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट डॉ. शुभंकर गौतम ने वाराणसी में अपने कमरे में एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या कर ली। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
हेरिटेज अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट डॉ. शुभंकर गौतम ने आत्महत्या की।
एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाकर अपने कमरे में मृत पाए गए।
पत्नी से विवाद और नशे की लत आत्महत्या का कारण।
जागरण संवाददाता, रोहनिया। हेरिटेज अस्पताल (भदवर) में कार्यरत यूरोलाजी के डाक्टर शुभंकर गौतम ने एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाकर सुसाइड कर लिया। चिकित्सक का शव शनिवार शाम उनके कमरा नंबर 802 में मिला। इंस्पेक्टर रोहनिया राजू सिंह ने बताया कि पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) को हेरिटेज के सुरक्षा अधिकारी एके सिंह ने सूचना दी कि अस्पताल के डॉक्टर आवास में यूरोलाजिस्ट शुभंकर गौतम रहते थे, जिन्होंने अंदर से दरवाजा कर लिया है।
पीआरबी पहुंची तो अस्पताल की सिक्योरिटी ने दरवाजा तोड़ा। देखा तो अंदर बेड पर डॉक्टर शुभंकर मृत पड़े थे। पुलिस ने फील्ड यूनिट को बुलाने के साथ दिवंगत चिकित्सक के स्वजन को घटना की सूचना दी।
डॉक्टर शुभंकर गौतम कंकड़ बाग पटना बिहार के निवासी थी। वे दो वर्ष से हेरिटेज अस्पताल में कार्यरत थे। पुलिस की प्राथमिक जांच और पूछताछ में आत्महत्या के पीछे पत्नी से विवाद मूल वजह सामने आई है। डॉक्टर शुभंकर गौतम के कमरे से पुलिस को इंजेक्शन बरामद हुआ है जिसके ओवरडोज पैर में लगाकर सुसाइड करने की आशंका है।
शनिवार को डॉक्टर शुभंकर की ओपीडी में ड्यूटी थी लेकिन वह नहीं आए थे। उनकी जगह दूसरे डाक्टर ने ओपीडी में मरीजों को देखा था। इसकी शिकायत भी अस्पताल प्रबंधन को की गई थी। इसके बाद शाम को जब सुरक्षाधिकारी पहुंचे तो घटना की जानकारी हुई।
पत्नी से दो बार विवाद के बाद यहां आई थी पुलिस
डाक्टर शुभंकर की मौत के बाद जांच और पूछताछ में पता चला कि घरेलू कारणों को लेकर उनका अपनी पत्नी से विवाद होता रहता था। दो बार यहां पर भी विवाद होने पर पुलिस आ चुकी थी। मामला पति-पत्नी का होने के कारण शांत हो जाता था। डॉक्टर शुभंकर गौतम के दो वर्ष के कार्यकाल के दौरान कई बार नशे को लेकर उनकी शिकायत भी हुई थी। इसी बात को लेकर उनका पत्नी से भी विवाद होता था।
उनके कमरे से भी ड्रग्स पाए जाने की सूचना है। डाक्टर शुभंकर गौतम की कार्यशैली और व्यवहार को लेकर कई बार मरीज और उनके स्वजन शिकायत कर चुके थे। उनकी शिकायत पर अस्पताल प्रबंधन के अधिकारी भी कई बार काउंसलिंग कर चुके थे। संभवत: वह घरेलू विवाद को लेकर नशे की लत में आ गए थे।
