सीवर जाम और व्यवस्था चोक: स्मार्ट सिटी काशी में सड़क का हाल बेहाल, करोड़ों बजट के बाद भी जलभराव की समस्या बरकरार
दैनिक जागरण ने वाराणसी में सीवर जाम और जलभराव की समस्या पर पांच दिवसीय अभियान शुरू किया है, जहाँ करोड़ों के बजट के बावजूद स्थिति गंभीर बनी हुई है।
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स्मार्ट सिटी काशी में सड़क का हाल बेहाल।
HighLights
दैनिक जागरण का पांच दिवसीय सीवर समस्या अभियान शुरू।
मुस्लिमपुरा में बारिश के आठ दिन बाद भी सीवर का पानी।
करोड़ों के बजट के बावजूद वाराणसी में जलभराव जारी।
अरुण कुमार मिश्र, वाराणसी। सीवर की समस्या सिर्फ शिकायत नहीं, समाधान का सवाल है। दैनिक जागरण सोमवार से पांच दिवसीय अभियान के जरिए नगर क्षेत्र में सीवर की जमीनी तस्वीर सामने रखना शुरू किया है। हर दिन अलग-अलग इलाके की पड़ताल होगी, कहीं उफनती लाइन, कहीं खुले-टूटे चैंबर, कहीं जलभराव तो कहीं सफाई के बाद भी बनी समस्या।
अभियान में चार दिनों तक ‘समस्या की तस्वीर’ सामने रखी जाएगी। इसके बाद अंतिम दिन नगर के प्रतिष्ठित नागरिकों, विषय विशेषज्ञों और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को एक मंच पर लाकर सीवर की समस्याओं के व्यावहारिक और स्थायी समाधान पर चर्चा होगी। उद्देश्य सिर्फ समस्या दिखाना नहीं, बल्कि समाधान की राह तलाशना है।
सरैया की मुस्लिमपुरा बस्ती इस तस्वीर का एक उदाहरण है, जहां बारिश थमने के आठ दिन बाद भी करीब 200 मीटर तक सीवर का पानी गली के किनारे बह रहा है। अभियान के पांच दिनों में समस्या से लेकर उसके असर और जिम्मेदारी तक की पड़ताल की जाएगी।

यह भी देखा जाएगा कि शहर की सीवर व्यवस्था में दिक्कत कहां है, लाइन की क्षमता में, रखरखाव में, चैंबरों में या जलनिकासी की पूरी व्यवस्था में।
सरैया पुराने नगर क्षेत्र का ऐसा हिस्सा है, जहां सीवर और जलनिकासी की समस्या इस बरसात में लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी। मुस्लिमपुरा में ट्यूबवेल चलते ही सीवर का पानी गली में फैलने, बदबू और उखड़े चैंबर की समस्या सामने आई है। यह महज एक मोहल्ले की परेशानी नहीं, बल्कि पुराने नगर क्षेत्र की सीवर व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।
2023-24 में हुए कार्य, डेढ़ साल में चौका खोल रहे पोल
वार्ड संख्या 87 मुस्लिमपुरा में 7.12 लाख रुपये की लागत से क्षतिग्रस्त चौका मरम्मत एवं गली निर्माण कार्य कराया जाएगा। कार्य का शिलान्यास 2023-24 में महापौर अशोक कुमार तिवारी ने किया।
योजना के तहत मकबूल अली के मकान तक क्षतिग्रस्त चौका की मरम्मत तथा इकबाल नेता से अनिसुहिमान होते हुए मकान संख्या ए39/348 के आगे तक और निसार के मकान वाली गली में कार्य कराया गया है। इस दौरान पार्षद प्रतिनिधि राज खान सहित क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। ये जानकारी गली का शिलापट्ट और स्थानीय नागरिकों ने दी।
बजट का सच, धुंधला पड़ रहा काशी का आईना...
जलकल में रख-रखाव पर 82.76 करोड़
जलकल विभाग ने 2026-27 में रख-रखाव कार्यों के लिए 82.76 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए हैं। इसमें सेवाबस्तियों व विशिष्ट जनों की गलियों में सीवर-पाइपलाइन विस्तार पर 25 करोड़, सीवर लाइन व मेनहोल मरम्मत पर 17.60 करोड़, मेन सीवर सफाई पर पांच करोड़, पार्षद निधि पर पांच करोड़, जलवाहिनी रख-रखाव पर 8.15 करोड़ और आकस्मिक व्यय पर 7.20 करोड़ रुपये शामिल हैं।

जलकल के अन्य खर्चों पर 3.43 करोड़
जलकल विभाग ने 2026-27 में अन्य व्यय के लिए 3.43 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए हैं। इसमें जलकल परिसर उच्चीकरण पर 1.72 करोड़, बैंक चार्जेज पर एक करोड़, दूरभाष व इंटरनेट पर 20 लाख, सूचनाएं एवं विज्ञापन पर 15 लाख, रेट्स, टैक्स व बीमा पर 10 लाख और विधिक राय पर पांच लाख रुपये खर्च होंगे।
जलकल की पूर्तियों पर 14.20 करोड़
जलकल विभाग ने वर्ष 2026-27 में पूर्तियों के लिए 14.20 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है। इसमें पीएसी,एल्यूमिना फेरिक,पालिमर्स पर नौ करोड़, विद्युत-यांत्रिक अनुरक्षण सामग्री पर दो करोड़, डीजल-पेट्रोल व लुब्रीकेंट पर 1.50 करोड़, क्लोरीन गैस पर 90 लाख और हाइपोक्लोराइड पर 60 लाख रुपये खर्च होंगे।
जलकल का अधिष्ठान व्यय 63.88 करोड़
जलकल विभाग ने वर्ष 2026-27 में अधिष्ठान व्यय के लिए 63.88 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए हैं। इसमें वेतन-भत्ते 19 करोड़, सीवर लाइन सफाई नौ करोड़, जलस्रोतों के संचालन-अनुरक्षण सात करोड़, आउटसोर्सिंग तीन करोड़, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट 2.10 करोड़, टैंकर संचालन 75 लाख और केमिकल प्लांट एक करोड़ रुपये शामिल हैं।
क्या बोले लोग
किसी ने मोहल्ले की खबर नहीं ली। सीवर आज की नहीं बल्कि पुरानी समस्या है। हर रोज इससे लोग परेशान होते हैं। -नकीब।
सीवर से मोहल्ले में बदबू आती रहती है। झाड़ू तो लगते हैं लेकिन असल समस्या का समाधान अभी तक नहीं किया गया -नियाज।
शिकायत के बावजूद समस्या निस्तारण पर ध्यान नहीं दिया जाता है। गलियों से होते हुए अपने घर जाना दूभर हो जाता है। -यासीन।
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