यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 06, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Varanasi Seerial Blast Case : समाजवादी पार्टी ने की थी वलीउल्लाह को राहत देने की कोशिश, तत्कालीन विशेष सचिव की ओर से भेजा गया था पत्र
Varanasi Seerial Blast Case संकटमोचन मंदिर और कैंट स्टेशन पर हुए सीरियल ब्लास्ट मामले में फांसी की सजा पा चुका ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, वाराणसी : संकटमोचन मंदिर और कैंट स्टेशन पर हुए सीरियल ब्लास्ट मामले में फांसी की सजा पा चुका आतंकी वलीउल्लाह पर से तत्कालीन सपा सरकार ने गुपचुप तरीके से मुकदमा वापसी की तैयारी शुरू कर दी थी। वर्ष 2006 में तत्कालीन विशेष सचिव राजेंद्र कुमार की ओर से इस संबंध में जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया था। इसकी भनक लगने पर हर तरफ विरोध शुरू हो गया और मुलायम सरकार को पीछे हटना पड़ा।
दायां पैर गंवा चुके संतोष ने दी थी गवाही :
संकटमोचन ब्लास्ट में दायां पैर गंवा चुके संतोष साहनी गाजियाबाद कोर्ट में पेश होकर मामले में गवाही दे चुके हैैं। उन्होंने कहा कि वह आतंकी का चेहरा तो नहीं देख पाए थे, लेकिन उसे फांसी की सजा मिलने की बात सुनकर दिल को काफी राहत मिली। काल भैरव मंदिर ब्रह्मचारिणी गली में रहने वाले 43 वर्षीय संतोष साहनी ने कहा कि 16 साल बाद आज न्याय मिला, लेकिन पूरी दुनिया उजड़ गई। वह बताते हैैं, ठठेरी बाजार में उनके मालिक का साड़ी का कारोबार था। वह अपने मालिक मनोहर भालोटीया के साथ रिक्शे पर बैठकर संकट मोचन मंदिर उनके रिश्तेदार की शादी में सम्मिलित होने गए थे। शादी संपन्न होने के बाद रिसेप्शन चल रहा था कि तेज धमाका हुआ और वह बेहोश होकर गिर पड़े। उस आतंकी घटना में मनोहर भालोटीया की मौत हो गई और संतोष साहनी बुरी तरह से घायल हुए और दायां पैर काटना पड़ा।
सात मार्च 2006 - संकटमोचन मंदिर, कैंट स्टेशन में बम विस्फोट
पांच अप्रैल 2006 - आरोपित वलीउल्लाह की गिरफ्तार
20 अप्रैल 2006 - वकीलों ने पैरवी से किया इन्कार, जेल में वलीउल्लाह की पिटाई
22 अप्रैल 2006 - कचहरी में पेशी के दौरान वलीउल्लाह की पिटाई, टोपी फूंकी
24 नवंबर 2006 - हाई कोर्ट के आदेश पर केस गाजियाबाद कोर्ट ट्रांसफर
चार जून 2022 - वलीउल्लाह दोषी करार
छह जून 2022 - वलीउल्लाह को फांसी की सजा
काशी में आतंकी घटनाओं के पांच साल
23 फरवरी 2005 - दशाश्वमेध घाट पर सात लोग मारे गए।
सात मार्च 2006 - संकटमोचन मंदिर, कैंट रेलवे स्टेशन पर 18 लोग मारे गए।
23 नवम्बर 2007 - कचहरी में नौ लोगों की मौत।
सात दिसंबर 2010 - शीतला घाट पर दो लोगों की मौत।
