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काशी द्वार योजना में किसानों की सहमति के बिना नहीं ली जाएगी एक इंच भी जमीन, सर्किल रेट का चार गुना मिलेगा मुआवजा

By Rajesh GuptaEdited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 07 Feb 2026 05:58 PM (IST)

विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने 'काशी द्वार योजना' को लेकर किसानों के भ्रम दूर किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना ...और पढ़ें

काशी द्वार योजना: किसानों की सहमति सर्वोपरि, मिलेगा चार गुना मुआवजा।

काशी द्वार योजना: किसानों की सहमति सर्वोपरि, मिलेगा चार गुना मुआवजा।

HighLights

  1. किसानों की सहमति के बिना भूमि नहीं ली जाएगी।

  2. सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा मिलेगा किसानों को।

  3. काशी द्वार योजना वाराणसी के विकास में मील का पत्थर।

जागरण संवाददाता (बड़ागांव) वाराणसी। पिंडरा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा जनसहयोग कार्यालय पर शन‍िवार को विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने 'काशी द्वार योजना' को लेकर किसानों के बीच फैल रहे भ्रम को दूर करते हुए स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि यह योजना वाराणसी के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी, लेकिन किसी भी किसान के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

विधायक ने पत्रकारों को जानकारी दी कि जिन किसानों की भूमि इस योजना के दायरे में आ रही है, उन्हें उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद द्वारा बेहतरीन मुआवजा दिया जा रहा है। मुआवजे की शर्तें इस प्रकार हैं: सर्किल रेट का चार गुना उचित मुआवजा, मूल रेट पर 24 प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोत्तरी और यह पूरी प्रक्रिया पूर्णतः सहमति के आधार पर संपन्न की जा रही है।

डॉ. अवधेश सिंह ने किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि मेरा अपने क्षेत्र के किसानों से व्यक्तिगत आग्रह है कि वे किसी भी बहकावे या भ्रम में न आएं। यदि किसान की सहमति नहीं होगी, तो उसकी भूमि कदापि नहीं ली जाएगी। प्रशासन द्वारा किसी भी तरह की जोर-जबरदस्ती नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में इस योजना को वाराणसी की नई पहचान बनाने का आश्वासन दिया।

विधायक ने स्पष्ट किया कि 'काशी द्वार योजना' एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है जो आने वाले समय में वाराणसी को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान दिलाएगा। इससे न केवल शहर का विस्तार होगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और विकास के नए द्वार भी खुलेंगे। उन्होंने बताया कि काशी द्वार योजना के तहत लगभग चार सौ किसानों ने हमें लिखित पत्रक दिया है कि वे अपनी जमीन देने के लिए तैयार हैं।

वर्तमान में पिंडरा तहसील में इस योजना की रजिस्ट्री कराने के लिए हफ्तों लग जा रहे हैं। विधायक ने कहा कि काशी द्वार योजना का विरोध क्षेत्रीय किसान नहीं कर रहे हैं, बल्कि विरोध करने वाले लोग बाहरी हैं। इस दौरान मुख्य रूप से पवन सिंह, दीपक सिंह, हौसिला पाण्डेय, रमेश पटेल, अजय पटेल सहित तमाम भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।