काशी में कोहरे का जोर, सड़क पर कोहरे में रेंगते रहे वाहन, मौसम का रुख ठंड की ओर
नवंबर की शुरुआत में काशी (वाराणसी) घने कोहरे की चपेट में आ गई, जिससे सुबह के समय जनजीवन और यातायात ...और पढ़ें
HighLights
काशी में नवंबर की शुरुआत में घना कोहरा छाया।
सुबह यातायात और गंगा में नाव संचालन प्रभावित हुआ।
धूप खिलने के बाद भी वातावरण में ठंडक बनी रही।
जागरण संवाददाता, वाराणसी: नवंबर का महीना शुरू होते ही उत्तर प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र काशी (वाराणसी) में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। सोमवार को बाबा विश्वनाथ की नगरी सुबह-सुबह घने कोहरे की आगोश में नजर आई।
ठंड की दस्तक के साथ ही शहर ने प्रकृति की एक बेहद मनमोहक और सर्द चादर ओढ़ ली है, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ यातायात भी प्रभावित हुआ। सुबह की पहली किरण के साथ गंगा के घाटों पर उतरी धुंध और धुंधले आसमान में खोते प्राचीन मंदिरों के शिखर ने शहर का नजारा पूरी तरह बदल दिया।
गंगा घाटों पर छाई धुंध, धीमी पड़ी नावों की रफ्तार
सोमवार की सुबह जब बनारस के लोग जागे, तो चारों तरफ कोहरे का घना पहरा था। मां गंगा के प्रसिद्ध घाटों पर सुबह की शुरुआत घनी धुंध के साथ हुई। स्थिति यह थी कि गंगा की लहरों पर नौका संचालन करने वाले नाविकों को काफी सतर्कता बरतनी पड़ी। दृश्यता (विजिबिलिटी) कम होने के कारण गंगा में चलने वाली नावों की रफ्तार धीमी हो गई।
दूर तक फैले कोहरे के कारण उस पार का नजारा और ऐतिहासिक इमारतों के शिखर ओझल नजर आए। हालांकि, सुबह की इस शांत और सर्द खूबसूरती को देखने के लिए घाटों पर पहुंचे पर्यटकों ने मौसम के इस बदलाव का भरपूर आनंद उठाया।

सड़कों पर वाहनों की गति हुई सुस्त
कोहरे का असर शहर की सड़कों पर भी साफ देखने को मिला। सुबह के समय मुख्य मार्गों और हाइवे पर वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। विजिबिलिटी कम होने के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों ने फॉग लाइट्स (कोहरे वाली लाइटें) का सहारा लिया और वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रखी।
कई जगहों पर वाहन रेंग-रेंग कर चलते नजर आए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। ऑफिस जाने वाले और स्कूली बच्चों को भी सुबह के वक्त हल्की ठंड और कोहरे के कारण आवाजाही में सतर्कता बरतनी पड़ी। हालांकि कोहरे का असर दो से तीन घंटे तक ही अधिकतम बना रहा और धूप खिलने के साथ ही वातावरण से कोहरा खत्म भी हो गया।

धूप खिलने के बाद मिली राहत, बरकरार रही ठंडक
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, ठंड के मौसम का यह शुरुआती दौर है। हालांकि सुबह लगभग नौ बजे के बाद कोहरे का दौर धीरे-धीरे समाप्त होने लगा और आसमान साफ हो गया। दिन चढ़ने के साथ ही शहर में गुनगुनी धूप खिली, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। धूप निकलने के बाद बाजारों और सड़कों पर रौनक फिर से लौट आई, लेकिन इसके बावजूद हवा में घुली ठंडक का अहसास पूरे दिन बरकरार रहा।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सुबह और शाम के समय तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे काशी में ठंड का असर और अधिक बढ़ेगा। फिलहाल, इस मौसमी बदलाव ने बनारस के मौसम को बेहद सुहावना और खुशनुमा बना दिया है।
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