वाराणसी, जेएनएन। पूर्वांचल में मौसम का रुख अब सामान्‍य हो चला है, वातावरण का रुख आने वाले दिनों में बदलेगा लेकिन मानसून माह भर तक बना रहेगा। इस दौरान वातावरण से पर्याप्‍त नमी मिली तो बारिश भी होगी। हालांकि, सितंबर माह के अंत तक मानसून विदा हो जाएगा। इसके बाद वातावरण में पूरी तरह से गुलाबी ठंड काबिज हो जाएगी। जबकि पखवारे भर में सुबह की ठंंडक गुलाबी ठंड सरीखा अहसास दिलाएगी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पुरवा हवाओं का जोर रहेगा और नमी के साथ लोकल हीटिंग का असर हुआ तो बादल बारिश भी कराएंगे।

रविवार की सुबह बादलों की सक्रियता का दौर रहा, लेकिन दिन चढ़ने पर सुबह नौ बजे तक आसमान भी साफ हो गया। वातावरण में सुबह उमस का असर भी रहा और दिन चढ़ने पर बादलों की सक्रियता में कुछ कमी भी आई। हालांकि, सुबह ठंडी हवाएं भी चलीं और वातावरण में उमस का असर भी बढ़ा। दोपहर बाद बादलों की सक्रियता का दौर भी आएगा और वातावरण में ठंड का असर भी कम होगा। दरअसर वातावरण में नमी का स्‍तर बढ़ने और धूप होने से उमस में भी इजाफा तय है। इससे लोग खूब पसीना पसीना भी होंगे। 

बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 33.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्‍य रहा। न्‍यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्‍य रहा। इस दौरान मामूली बारिश कुछ जगहों पर हुई तो अधिकतम आर्द्रता 87 फीसद और न्‍यूनतम 74 फीसद दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार इस पूरे सप्‍ताह बादलों की आवाजाही का रुख रहेगा। हालांकि, मौसम विभाग द्वारा जारी सैटेलाइट तस्‍वीरों में पूर्वांचल में बादल कुछ कम हैं। जबकि आसपास बादलों की सक्रियता बनी हुई है। माना जा रहा है कि बंगाल की खाड़ी से पर्याप्‍त नमी आने की वजह से मौसम का यह रुख बना हुआ है। जबकि अगले दो तीन दिन में मौसम एक बार फ‍िर साफ होने लगेगा।

Edited By: Abhishek Sharma