वाराणसी, इंटरनेट डेस्‍क। पूर्वांचल में मौसम का रुख बदला हुआ है, वातावरण में ठंड का असर अब घुलने लगा है। मौसम विज्ञानी मान रहे हैं कि अब मानसून पूरी तरह से वापसी की राह पर है। सप्‍ताह भर मानसून की सक्रियता का क्रम और बना रहेगा। इसकी वजह से बादलों की मामूली आवाजाही का रुख तो रहेगा लेकिन वातावरण में पर्याप्‍त नमी की कमी रहेगी और उमस की वजह से दिन का पारा चढ़ेगा तो रात का पारा नीचे आएगा। घरों में अब कूलर और एसी बंद हो चुके हैं। अक्‍टूबर मास की शुरुआत के साथ ही सुबह कुहासा अंचलों से लेकर कस्‍बों तक नजर आने लगेगा। माना जा रहा है कि अक्‍टूबर मध्‍य तक कुहासा कोहरे में भी बदल जाएगा।

मंगलवार की सुबह आसमान पूरी तरह से साफ रहा, हालांकि मामूली बादलों की आवाजाही का रुख तो रहा लेकिन यह बादल स्‍थाई नहीं हो सके। मौसम विभाग की ओर से अगले चौबीस घंटों में बादलों की अधिक सक्रियता की आशंका जताई गई है। बारिश हुई तो  वातावरण में गलन का असर भी घुल सकता है। मौसम का रुख बदलेगा तो अब दिन के उमस में कमी आएगी और रात के तापमान में गिरावट के साथ ही सुबह कुहासा या सुबह गुलाबी ठंड का बखूबी अहसास होने लगेगा। मौसम का रुख बदला तो वातावरण में आमूल-चूल बदलाव भी स्‍पष्‍ट नजर आने लगेगा।  

बीते चौबीस घंटों में अधिक‍तम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्‍य से दो डिग्री अधिक रहा, न्‍यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्‍य रहा। आर्द्रता इस दौरान अधिकतम 82 फीसद और न्‍यूनतम 70 फीसद दर्ज की गई। मौसम विभाग की ओर से जारी सैटेलाइट तस्‍वीरों के अनुसार पूर्वांचल के आसपास बादलों की सक्रियता बनी हुई है। जबकि पूर्वांचल में मामूली बादलों के टुकड़े ही नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में बादलों की सक्रियता और बूंदाबांदी की आशंका जताई है। मौसम का रुख बदला तो आने वाले दिनों में उमस में कुछ कमी भी आएगी। 

Edited By: Abhishek Sharma