वाराणसी, जागरण संवाददाता। पूर्वांचल में मौसम का रुख लगातार बदलाव की ओर होने के बाद अब मौसम स्थिर होने की ओर है। एक ओर न्‍यूनतम तापमान बीस डिग्री से कम हो चुका है वहीं दूसरी ओर अधिकतम पारा भी तीस डिग्री के करीब आ चुका है। जल्‍द ही अधिकतम पारा भी तीस डिग्री से कम हो जाएगा। इसके बाद तापमान में कमी की वजह से वातावरण में ठंड का स्‍तर बढ़ जाएगा और नवंबर मध्‍य के बाद गलन का भी असर महसूस होने लगेगा। मौसम विज्ञानी मान रहे हैं कि अब दिन में धूप और रात में साफ आसमान की वजह से ओस का दौर शुरू हो चुका है। जल्‍द ही यह पूरी तरह नजर भी आने लगेगा।

मंगलवार की सुबह आसमान पूरी तरह बादलों से रहित नजर आया। सुबह ठंडी हवाओं का रुख बना रहा और वातावरण में ठंडी हवाओं के असर से लोगों के घरों में पंखे कूलर पूरी तरह से बंद रहे। माना जा रहा है कि अब दिन में धूप और रात में ओस के साथ ही सुबह कुहासा भी अब कोहरे के रूप में बदल जाएगा। मौसम विज्ञानी मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में मौसम का रुख बदलेगा तो हवाएं भी ठंड का अहसास कराएंगी। जबकि हवाओं का रुख बदला तो जल्‍द ही पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर पूर्वांचल तक नजर आएगा। 

बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्‍य से एक डिग्री कम रहा। न्‍यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्‍य रहा। आर्द्रता अधिकतम 83 फीसद और न्‍यूनतम 62 फीसद दर्ज की गई। मौसम विभाग की ओर से जारी सैटेलाइट तस्‍वीरों में पूर्वांचल सहित उत्‍तर भारत में आसमान पूरी तरह साफ रहा। पश्चिम से आने वाली ठंडी हवाओं का असर पाकिस्‍तान से हिमालय की ओर रुख कर रहा है। इसका असर जल्‍द ही राजस्‍थान के रास्‍ते उत्तर भारत में शुरू हुआ तो मौसम का रुख पूरी तरह बदल जाएगा।   

Edited By: Abhishek Sharma