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308 पहिये और 200 टन वजन... बेल्जियम से आए विशालकाय वेसल को लेकर आज बनारस पहुंचेगा मेगा ट्रक

Published: Sat, 26 Sep 2026 09:04 AM (IST)

ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से बलरामपुर चीनी मिल के लिए 200 टन वजनी वेसल लेकर निकला 308 पहियों वाला विशाल ...और पढ़ें

शुगर मिल वेसल लेकर 308 पहियों वाला ट्रेलर पहुंचा चंदौली, साइनेज बोर्ड को हटाती टीम

शुगर मिल वेसल लेकर 308 पहियों वाला ट्रेलर पहुंचा चंदौली, साइनेज बोर्ड को हटाती टीम

HighLights

  1. 200 टन वजनी वेसल बलरामपुर चीनी मिल के लिए लाया जा रहा।

  2. 308 पहियों वाला विशाल ट्रेलर चंदौली से बनारस पहुंच रहा है।

  3. सड़क चौड़ीकरण, ओवरब्रिज हटाने जैसे बड़े काम किए जा रहे।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से बलरामपुर चीनी मिल के लिए 200 टन वजनी वेसल लेकर निकला विशाल 308 पहियों वाला मल्टी-एक्सल ट्रेलर चंदौली पहुंच गया है।

इसे शनिवार को बनारस पहुंचना है, लेकिन सड़क को इसके आकार के अनुरूप तैयार करना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसके लिए जिला प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस, बिजली, एनएचएआइ समेत कई विभागों की टीम शुक्रवार को दिनभर मार्ग का सर्वे करती रही और जरूरी काम शुरू कराए गए।

वेसल अपने वजन और आकार को लेकर कौतूहल बना हुआ है। यह जिस रास्ते से गुजर रहा है, देखने वालों की भीड़ लग जा रही है। यह विशालकाय वेसल (वैक्यूम बायलर) चीनी मिल और एथेनाल प्लांट में उत्पादन के लिए इस्तेमाल होगा। सात मीटर चौड़े और 100 फीट लंबे ट्रेलर को निकालने के लिए डाफी टोल प्लाजा के बाईं तरफ निर्माण तोड़कर सड़क चौड़ी की जा रही है।

बेल्जियम से आया 200 टन वजनी वेसल

मोहनसराय में फुट ओवरब्रिज हटाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इसके बाद ट्रेलर रिंग रोड पकड़कर हरहुआ, सारनाथ और संदहा होते हुए गाजीपुर और आजमगढ़ जाएगा। रास्ते में स्वर्वेद मंदिर के पास फुट ओवरब्रिज का भी कुछ हिस्सा तोड़ा जाएगा। इसके अलावा बिजली के तार व खंभे, स्ट्रीट लाइट और साइनेज बोर्ड आदि भी हटाए जा रहे हैं।

एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्र, यातायात निरीक्षक सुनील कुमार सिंघाल और ट्रेलर के साथ चल रही तकनीकी टीम ने शुक्रवार को चंदौली-मोहनसराय मार्ग से रिंग रोड पर हरहुआ, सारनाथ होते हुए संदहा तक निरीक्षण किया।

यातायात निरीक्षक सुनील कुमार सिंघाल ने बताया कि चंदौली से चलने पर डाफी टोल प्लाजा पर जगह कम होने के कारण बाईं तरफ निर्माण तोड़कर सड़क चौड़ी की जा रही है। वेसल को बेल्जियम से समुद्री मार्ग से ओडिशा लाया गया। वहां से झारखंड होते हुए बिहार के रोहतास, गया, औरंगाबाद, कैमूर और फिर चंदौली पहुंचा है। एक दिन में यह 10 से 20 किलोमीटर की दूरी तय कर पा रहा है।

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