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वाराणसी से कांग्रेसी कार्यकर्ता और पदाध‍िकारी लखनऊ पहुंचे, चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर किया प्रदर्शन

By Digital Desk Edited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 25 Sep 2026 05:41 PM (IST)

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने लखनऊ में मुख्य निर्वाचन आयुक्त कार्यालय का घेराव कर मतदाता सूची में अनियमितताओं और चुनावी ...और पढ़ें

मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनावी पारदर्शिता पर कांग्रेस का लखनऊ में प्रदर्शन।

मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनावी पारदर्शिता पर कांग्रेस का लखनऊ में प्रदर्शन।

HighLights

  1. कांग्रेस ने लखनऊ में मतदाता सूची अनियमितताओं पर प्रदर्शन किया।

  2. चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों की मांग की।

  3. राहुल गांधी के 'वोट चोरी' आरोपों, EC आंतरिक मतभेद उजागर।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। मतदाता सूची में अनियमितताओं, चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित मुख्य निर्वाचन आयुक्त कार्यालय का घेराव और प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और प्रदेश प्रभारी राजेंद्र प्रताप गौतम के आह्वान पर विभिन्न जनपदों से कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचे।

वाराणसी महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के नेतृत्व में वाराणसी से बड़ी संख्या में कांग्रेसजन लखनऊ पहुंचे और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा मतदाता के अधिकारों से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसजनों ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों पर स्पष्ट जवाब देने और शिकायतों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक का वोट उसके अधिकार और लोकतांत्रिक भागीदारी का आधार है, इसलिए मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पिछले कई वर्षों से चुनाव प्रक्रिया और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने महाराष्ट्र, महादेवपुरा और आलंद सहित विभिन्न स्थानों पर चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस के अनुसार, 16 अगस्त 2025 से 1 सितंबर 2025 तक चली ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान भी मतदाता अधिकारों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था।

राघवेंद्र चौबे ने हाल में रिपोर्ट का उल्लेख किया, जिसमें चुनाव आयोग के भीतर दर्ज असहमतियों का जिक्र है। रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में कम-से-कम 14 बार आयोग के कुछ निर्णयों और प्रक्रियाओं पर औपचारिक आपत्तियां दर्ज कीं। नए मतदाताओं को जोड़ने, मतदाता नाम हटाने और मतदाता संबंधी सॉफ्टवेयर और डेटा के केंद्रीकरण को लेकर भी आपत्तियों का उल्लेख है।

चौबे ने कहा, “राहुल गांधी तीन वर्षों से लगातार कह रहे हैं कि चुनाव प्रक्रिया में वोट चोरी से जुड़े गंभीर सवाल हैं। अब जब चुनाव आयोग के भीतर से ही दो चुनाव आयुक्तों की ओर से कई मामलों में लिखित आपत्तियां सामने आई हैं, तो देश की जनता के सामने उठ रहे सवालों का जवाब पारदर्शी तरीके से मिलना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “हमारा सवाल केवल किसी एक चुनाव या किसी एक राजनीतिक दल का नहीं है। सवाल देश के लोकतंत्र और मतदाता के अधिकार का है। यदि किसी मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाया जाता है या जोड़ा जाता है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।”

वाराणसी लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की राजनीतिक आपत्ति भी दर्ज कराई। उन्होंने कहा, “वोट चोरी के मुद्दे ने काशी के चुनावी जनादेश को लेकर गंभीर राजनीतिक सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह मांग करती है कि वाराणसी सहित जहां-जहां चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं, वहां निष्पक्ष जांच हो और जनता के सामने तथ्य रखे जाएं।

प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल, महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, प्रदेश सचिव फसाहत हुसैन, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता चंचल शर्मा, रोहित दुबे, सैयद आदिल, राजीव राम, अशोक सिंह, अनुभव राय, महेश चौबे, किशन यादव आदि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।