जागरण संवाददाता, वाराणसी : योगी सरकार 2.0 का पहला बजट किसानों की दुर्घटनावश मौत व दिव्यांगता की दशा में पांच लाख रुपये देने का प्रविधान स्वागत योग्य है। 14 मेडिकल कालेजों को 2100 करोड़ के निवेश से स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रदेश काफी आगे निकल जाएगा। दी इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स आफ इंडिया की वाराणसी शाखा के पूर्व अध्यक्ष सीए जय प्रद्धवानी ने कहा कि कुल मिलाकर इस बजट को भविष्य की संभावनाओं से भरा एक संतुलित विकासोन्मुखी बजट कह सकते हैं। निराश्रित महिला पेंशन योजना, वृद्धावस्था पेंशन एवं दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान के सभी लाभार्थियों को अब प्रतिमाह 1000 रुपये मिलेंगे। बिजली क्षेत्र में 31 हजार करोड़ का बजट आवंटित कर बिजली उत्पादन के उत्थान के लिए सरकार ने अपनी मंशा जाहिर कर दी है।

पैकेज न मिलने से पूर्वांचल के व्यापारियों में मायूसी

 महानगर उद्योग व्यापार समिति के पदाधिकारियों ने कहा है कि बजट में सुरक्षा व्यवस्था, महिला सुरक्षा, युवाओं को नौकरी, कृषि सहित सभी सेक्टरों पर फोकस है। हालांकि व्यापारियों के लिए किसी भी प्रकार की राहत बजट में नहीं मिली है।

महानगर उद्योग व्यापार समिति के अध्यक्ष प्रेम मिश्रा, महामंत्री अशोक जायसवाल, उपाध्यक्ष सोमनाथ विश्वकर्मा ने बताया कि बजट में पूर्वांचल के लिए किसी भी प्रकार का पैकेज नहीं मिला और व्यापारियों को भी किसी भी राहत नहीं मिली है। प्रदेश में खुदरा व्यापारी आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं, लेकिन न तो केंद्र सरकार व न ही प्रदेश सरकार व्यापारियों को किसी प्रकार की राहत दे रही है। व्यापारियों ने सीएम योगी आदित्यनाथ व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से खुदरा व्यापारियों को भी उद्यमियों के तर्ज पर लोन व जीएसटी में छूट देने की मांग की है।

युवाओं के बजट में सबके हितों का ध्यान : प्रो. केएस जायसवाल

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष प्रो. केएस जायसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए बजट बनाया है। बजट में छात्र-छात्राएं, नए उद्योग के प्रति आशान्वित उद्यमी, खिलाड़ी, महिला, वकील, साधु-संत सबके हितों व सुरक्षा को ध्यान में रखकर प्रविधान किया गया है। ऐसे में इसे युवाओं का भी बजट कह सकते हैं।

बजट में वाराणसी पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। स्पोट््र्स स्टेडियम, मेट्रो रेल, धर्मिक स्थल की दृष्टि से विशेष कोर्ट के प्रविधान से बनारस का आधारभूत विकास होना तय है। यह बजट अब तक का सबसे बड़ा बजट माना जा रहा है। खास बात यह है कि सरकार ने अपने 130 पूर्व लोक कल्याण संकल्प पत्र में से 97 को घोषणा पत्र में शामिल किया है। ऐसे में हम कह सकते हैं कि सरकार की कथनी व करनी में कोई अंतर नहीं है।

सबका विश्वास जीतने वाला बजट : प्रो. अनूप मिश्र

  डीएवी पीजी कालेज के अर्थशास्त्र के प्रो. अनूप मिश्र ने कहा कि योगी सरकार का यह बजट सबका विश्वास जीतने वाला है। इसमें विकास के साथ-साथ किसानों, गरीबों, महिलाओं व वंचितों के कल्याण के लिए अनेक योजनाओं के मदों में वृद्धि की गई है। बजट धर्म, संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और पर्यटन के क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने वाला है। शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में पीपीपी माडल के प्रवेश का रास्ता साफ करते हुए गुणवत्ता और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया गया है।

बजट में पांच एक्सप्रेस-वे तथा पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला देश का पहला प्रदेश बन जाने की आकांक्षा सरकार की विकास के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाती है। विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं पर बजट बढ़ाया गया हैं।

बजट किसानों के हित में, पारदर्शिता जरूरी

- किसानों के हित में बनाए गए बजट से लाभ होगा। बस इसमें पारदर्शिता अत्यंत जरूरी है। इससे पात्रों तक योजनाएं अपना प्रभाव दिखाती हैं। इस बजट से दीर्घकालिक लाभ होगा।

- पद्यश्री चंद्रशेखर, विकासशील किसान।

किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया बजट

यह बजट अत्यंत उत्साहित करने वाला है। इसकी सोच बेहतर भविष्य की है। योजनाएं किसानों की दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इससे काफी फायदा मिलेगा।

- शाश्वत पांडेय, निदेशक, त्रिसागर फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी।

इन्क्यूबेशन सेंटर से स्टार्ट शुरू करने में होगी सहूलियत

इस बार का बजट युवाओं के लिए उत्साहजनक है। हर जनपद में कम से कम एक इन्क्यूबेशन सेंटर खोलने के निर्णय से छात्रों को स्टार्टअप शुरू करने में काफी सहूलियत होगी।

-आदर्श कन्नौजिया, बीकाम तृतीय खंड, काशी विद्यापीठ

लैपटाप देने से तकनीकी में दक्ष होंगी छात्राएं

बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ योजना के तहत टापर छात्राओं को लैपटाप देने की घोषणा से तकनीकी को और बढ़ावा मिलेगा। छात्राएं तकनीकी में और दक्ष होंगी।

- वैष्णवी यादव, बीकाम तृतीय खंड, काशी विद्यापीठ

कोचिंग के लिए दूसरे जिलों में नहीं जाना होगा

बजट में सभी जनपदों में अभ्युदय कोचिंग खोलने की बात कही गई है। ऐसे में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्र-छात्राओं को दूसरे जनपदों की दौड़ नहीं लगानी होगी।

-साक्षी सिंघानिया, बीकाम प्रथम खंड, काशी विद्यापीठ

पांच लाख नौकरियों की घोषणा से युवाओं को लाभ

इस बार के बजट में हर वर्ग को ध्यान में रखा गया है। वहीं विद्यार्थियों का भी विशेष ध्यान दिया गया है। दो करोड़ छात्रों को स्मार्ट फोन, पांच लाख नौकरियां की घोषणा युवाओं को जोडऩे वाला बजट है।

- साक्षी दुबे, बीकाम प्रथम खंड, काशी विद्यापीठ

बजट में आय के सृजन की कोई खास व्यवस्था नहीं

बजट केंद्र की योजनाओं पर अधिक आश्रित दिखाई दिखाई दे रहा है। भारी-भरकम बजट में आय के सृजन की कोई खास व्यवस्था नहीं है। कुल मिलाकर यह केंद्र के साथ तालमेल बैठाने वाला बजट है।

-डा. जनक नंदिनी शरण, शिक्षक साधु बेला संस्कृत महाविद्यालय, (संकरकंद गली)

स्वास्थ्य के लिए यह बजट अच्छा

योगी सरकार ने इस बजट में स्वास्थ्य व चिकित्सा पर विशेष ध्यान दिया है। इसमें 39 जिलों में मेडिकल कालेज के लिए और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डायग्नोस्टिक सुविधा के लिए बजट का प्रस्ताव है। कई योजना जैसे आयुष्मान भारत योजना, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, मातृत्व वंदना योजना आदि के लिए धन का प्रबंधन किया गया है। स्वास्थ्य के लिए यह बजट अच्छा है। इससे आम आदमी को स्वास्थ्य लाभ की उम्मीद है। स्वास्थ्य के लिए विशेष ध्यान रखा गया है।

- प्रो. टीपी चतुर्वेदी, पूर्व संकाय प्रमुख, दंत चिकित्सा संकाय, आइएमएस-बीएचयू

नए उद्योगों का सृजन होगा

योगी सरकार 2.0 का यह बजट राहत भरा है। इससे न सिर्फ उद्योगों का विकास होगा, बल्कि नए उद्योगों का सृजन भी होगा। बजट में प्रदेश सरकार द्वारा अधिकाधिक सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यमों की स्थापना के लिए प्रोत्साहन के वातावरण का सृजन किया गया है। नए उद्योग लगेंगे तो रोजगार भी बढ़ेगा। इससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति और सुदृढ़ होगी। कुल मिलाकर विकासोन्मुखी बजट है। आम आदमी के साथ उद्योगों को गति देने वाला बजट सरकार ने पेश किया।

- आरके चौधरी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन

बजट छठवां, पर सब कुछ घटा

यह बजट मात्र आंकड़ों की बाजीगरी है। इस सरकार का कहने को ये बजट छठवां है, पर इसमें कुछ बढ़ा नहीं, सब कुछ घटा है। वित्तविहीन शिक्षकों, शिक्षामित्रों, प्रेरकों, अनुदेशकों, पुरानी पेंशन आदि की कोई बात नहीं है।

- आशुतोष सिन्हा, एमएलसी।

जनमानस संग किया गया छलावा

योगी सरकार ने जनमानस संग छलावा करते हुए अनुपयोगी बजट पेश किया है। किसानों की आय दोगुना करने, रोजगार देने, शिक्षा, स्वास्थ्य की बेहतरी पर खामोशी है। महंगाई पर कोई लगाम नहीं है।

- अजय राय, पूर्व मंत्री व कांग्रेस नेता।

बेसिक मुद्दों से भटका बजट

आज के बजट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेसिक मुद्दों से भटक गए हैं। रोजमर्रा की जिंदगी आसान कैसे होगी स्पष्ट नहीं हैं। रोजगार, सस्ती और अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर बजट में कुछ नहीं है।

-मुकेश सिंह, प्रदेश प्रवक्ता, आप।

बजट से चारों तरफ उदासी

बजट आने से चारों तरफ उदासी व मायूसी है। युवाओं ने सोचा था कि रोजगार मिलेगा, लेकिन रोजगार के अवसर गायब हैं। गरीबों से किया वादा पूरा नहीं किया गया। आम आदमी को कोई राहत नहीं है।

-राघवेंद्र चौबे, महानगर अध्यक्ष, कांग्रेस।

सरकार का अविश्वसनीय बजट

बजट घिसा-पिटा और अविश्वसनीय है। जनहित व जनकल्याण का ख्याल ही नहीं रखा गया है। गरीब और बेरोजगारों को कहीं जगह नहीं मिला है। गरीबी से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है।

- राजेश भारती, जिलाध्यक्ष, बसपा।

औद्योगिक विकास के बारे में भी सोचना जरूरी

प्रदेश सरकार ने अबकी बजट में कृषि व किसानों पर विशेष ध्यान दिया है। हालांकि औद्योगिक विकास को लेकर कोई खास कुछ नहीं किया गया है। सरकार को चाहिए कि उद्योग को बढ़ावा व औद्योगिक विकास पर भी विचार करे। कारण कि औद्योगिक विकास होगा तो प्रदेश का भी विकास होगा। प्रोत्साहन भी जरूरी है। वैसे कुल मिलाकर इस बजट को एक संतुलित व भविष्य की संभावनाओं को तरासने वाला कहा जा सकता है।

- विनम्र अग्रवाल, रीजनल डायरेक्टर

फेडरेशन आफ आटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन, इंडिया

चिकित्सा क्षेत्र पर भी विशेष ध्यान

इस बजट में प्रदेश सरकार ने जो-जो अपने चुनावी संकल्प पत्र में वादा किया था उसे पूर्ण करने की तरफ सार्थक कदम उठाएं हैं। आत्मनिर्भर भारत व प्रदेश को स्वावलंबी बनाने के लिए इस बजट में कृषक भाइयों के लिए ङ्क्षसचाई उर्वरक, बीज एवं फसल की खरीद इत्यादि की संपूर्ण व्यवस्था। माताओं व बहनों ने पिछले चुनाव में सुरक्षा के वादे पर योगी सरकार को वोट दिया था। इस बजट में उनकी सुरक्षा के लिए सरकार ने समुचित कदम उठाएं हैं जो सराहनीय है। साथ ही चिकित्सा क्षेत्र पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

- डा. हेमंत गुप्ता, वरिष्ठ गैस्ट्रोइंट्रोलाजिस्ट

मदरसों को आधुनिक बनाने का एलान, शिक्षकों की उपेक्षा

मदरसों में चल रहीं विभिन्न योजनाओं को सरकार ने बंद नहीं किया। यह अच्छी बात है लेकिन मदरसे से जुड़े शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए बजट में कोई प्रविधान न होना निराशाजनक है।

- हाजी दीवान खां जमा, प्रधानाचार्य, मदरसा मदीनतुल उलूम (जलालीपुरा)

बजट में मदरसों पर खास ध्यान

मदरसों को आधुनिक बनाने के लिए बजट में 479 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है लेकिन यह मूर्त रूप लेगा या नहीं। इस पर संदेह है।

- डा. नबी जान, शिक्षक मदरसा जामिया फारूकिया (रेवड़ी तालाब)

इस बजट से होगा चहुंमुखी विकास

यह सराहनीय और प्रदेश के चहुंमुखी विकास का बजट है। सांस्कृतिक व धार्मिक नगरी काशी को इसमें जिस प्रकार से जगह मिला है वह होटल इंडस्ट्री ही नहीं सबके लिए हितकर है। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

-गोकुल शर्मा, अध्यक्ष होटल एसोसिएशन।

उम्मीदों के विपरीत है यह बजट

- उम्मीदों के ठीक विपरीत है यह बजट। होटल व्यवसाय को इंडस्ट्री का दर्जा मिलने की आस अधूरी रह गई। इससे न सिर्फ इससे जुड़े लोगों को सहूलियत होती बल्कि सबको राहत मिलती लाभ मिलता।

-अरविंद कुमार अग्रवाल, प्रवर्तक होटल बृजरमा पैलेस।

ट्रैवेल व्यवसाय को मिलेगी संजीवनी

प्रयाग में 2025 महाकुंभ के लिए 100 करोड़ के आवंटन का असर पर्यटन पर पड़ेगा। महाकुंभ का इंतजार इससे जुड़े सभी लोग करते हैं, क्योंकि यह विश्व में धार्मिक पर्यटन का सबसे बड़ा संगम है। बजट से व्यवसाय को संजीवनी मिलेगी।

- राहुल मेहता, प्रदेश अध्यक्ष टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन।

पर्यटक भी आएंगे और पर्यटन भी बढ़ेगा

योगी सरकार का सराहनीय बजट है। जब प्रदेश में नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे बनेंगे तो अधिक पर्यटक भी आएंगे और पर्यटन बढ़ेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया गया है। अधिकतम एक्सप्रेसवे बनने से पर्यटन नई ऊंचाइयों पर जाएगा।

- संतोष सिंह, कोषाध्यक्ष टीडब्लूए व ट्रैवल एजेंट।

कटे भत्ते तक नहीं दिए गए, इससे निराशा हुई है

बजट में कर्मचारियों के लिए कुछ भी नहीं किया गया। यहां तक कि जो भत्ते कटे उसे भी नहीं दिया गया। पुरानी पेंशन को लेकर कर्मचारियों को घोर निराशा हुई है। हम जो इंतजार कर रहे थे वैसा कुछ नहीं दिखा।

-श्यामराज यादव, महामंत्री, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद।

सरकार ने बेहद शानदार फैसला लिया है। बनारस में एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की जरूरत लम्बे समय से महसूस की जा रही थी। स्टेडियम बनने से यहां अंतरराष्ट्रीय मैच हो सकेंगे। इससे बनारस में क्रिकेट के खेल को नई ऊंचाई मिलेगी।

- अरविंद श्रीवास्तव, पूर्व रणजी खिलाड़ी

बनारस के खिलाडिय़ों के लिए यह बड़ा उपहार है। अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम होने का बहुत लाभ होगा। स्थानीय खिलाडिय़ों को बड़े मैच देखने को मिलेंगे। यहां आने वाले खिलाडिय़ों से काफी कुछ सीखने को मिलेगा। इससे खिलाड़ी का हौसला बढ़ता है।

- नासिर अली, पूर्व रणजी खिलाड़ी

संपूर्ण बजट निराशाजनक नहीं

हम लोगों को आशा थी कि बजट में बुनकरों के लिए फ्लैट रेट पर बिजली बिल में सब्सिडी की घोषणा होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे हम बुनकरों को मायूसी हुई। कहा कि संपूर्ण बजट निराशाजनक नहीं है लेकिन बुनकरों के लिए विशेष नहीं है।

- इशरत उस्मानी, व्यवसायी बनारसी साड़ी

बजट तो अच्छा लेकिन बनारस में चित्रकारों के लिए एक आर्ट गैलरी बने तो बेहतर होगा। अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए कलाकारों को उचित जगह नहीं मिल पाती है। इसके लिए शहर के बाहर जाना पड़ता है।

- पूनम राय, वर्ल्‍ड रिकार्डधारी चित्रकार

उत्तर प्रदेश सरकार का बजट हम महिलाओं के हित में है। जो लड़कियां टाप करेंगी। उन्हें लैपटाप दिया जाएगा। बजट महिला सशक्तिकरण के लिए सोचा गया है। यह काफी अच्छा है। हमें सरकार से ऐसे ही बजट की उम्मीद थी।

-सरित विश्वकर्मा, गृहणी

सरकार की ओर से पेश किया गया बजट बहुत अच्छा है। इसे सभी वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया गया है। महिलाओं को तो खास ख्याल गया है इस बजट में। सरकार थोड़ी महंगाई पर लगाम लगाए तो हम गृहणियों को बड़ी राहत मिलेगी।

- किरण पांडेय, गृहणी

बजट में बनारस के लिए ढेरों उपहार हैं। इससे बनारस का और विकास होगा। हमारा शहर सुंदर और विकसित बने इससे बेहतर और क्या हो सकता है हमारे लिए। हमे तो बजट बहुत पसंद आया है। सभी वर्गों का इसमें ध्यान रखा गया है।

- मधुलिका पांडेय, गृहणी

प्रदेश का बजट आशावादी पर धरातल पर मूर्त रूप देने का सार्थक प्रयास किया गया। बजट में अधिवक्ताओं और युवाओं को अहमियत दी गयी है जो यह सराहनीय है। सभी वर्गों का बजट में ध्यान रखा गया है। इसका लाभ आने वाले वक्त में मिलेगा।

- अशोक ङ्क्षसह ङ्क्षप्रस, पूर्व अध्यक्ष सेंट्रल बार

सरकार ने बजट में बुनियादी बातों पर ध्यान रखा है। कोई वर्ग ऐसा नहीं है जो जिसका ध्यान इसमें नहीं रखा गया है। बजट में वकीलों के लिए रकम निधार्रित गयी है वो वकीलों की संख्या के लिहाज से कम है। इसे और बढ़ाना चाहिए था।

- रमेश राय, वकील

ऐसे ही बजट की हमें सरकार से उम्मीद थी। यह बजट सबको ध्यान में रखकर बनाया गया है। बनारस के विकास पर खास ध्यान दिया गया है। वकीलों को भी सरकार ने अपने बजट में अहमियत दी है। यह स्वागत योग्य है।

- शिवानंद पांडेय, पूर्व महामंत्री सेंट्रल बार

बजट में वकीलों का ध्यान रखा गया है यह अच्छी बात है लेकिन अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा यह कम है। वकीलों के लिए और सुविधाओं की जरूरत है। हालांकि यह अच्छी बात है कि सरकार ने वकीलों पर ध्यान देना शुरू कर दिया है।

- अजय कुमार श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष सेंट्रल बार

बजट में पहली बार अधिवक्ताओं के लिए प्रविधान किया गया है। हालांकि संख्या की ²ष्टि से दस करोड़ रुपये कम जरूर हैं, लेकिन इसे किताब-पत्रिका के लिए चिह्नित करना सकारात्मक सोच को दर्शाता है। अच्छी शुरूआत है जो उम्मीद जगा रही है।

-गौतम कुमार झा, वकील

इस बार उत्तर प्रदेश सरकार के बजट में महिलाओं के हितों पर ध्यान दिया गया है। कोविड में अनाथ हुए बच्चों के लिए भी सोचा गया है यह बहुत अच्छी बात है। अधिवक्ताओं के लिए बजट में और भी कुछ होना चाहिए था।

- रितु श्रीवास्तव, महिला वकील

बजट में वकीलों का ध्यान रखा गया यह तो अच्छी बात है लेकिन इतने से वकीलों का विशेष लाभ नहीं होगा। वकीलों के लिए सरकार को और भी कुछ सोचना होगा। हालांकि बजट बेहतर है इसमें सभी वर्गों का ध्यान दिया गया है।

- कामिनी सेठ, महिला वकील

Edited By: Saurabh Chakravarty