जागरण संवाददाता, वाराणसी। यूपी बोर्ड 18 सितंबर से दो पालियों में होने वाली हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की अंक सुधार परीक्षा नकल विहीन कराने की तैयारी में जुटा हुआ है। परीक्षाओं की मानिटरिंग के लिए राजकीय क्वींस इंटर कालेज में आनलाइन कंट्रोल रूम बनाया गया है। कंट्रोल रूम से परीक्षा 52 इंच की एलइटी स्क्रीन व तीन सेट कंप्यूटर भी लगा दिए गए हैं। वहीं छह कंप्यूटर आपरेटरों की ड्यूटी लगाई गई है।

परीक्षा की तैयारियों को लेकर गुरुवार को राइफल क्लब में जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेट, पर्यवेक्षकों व केंद्राध्यक्षों की बैठक बुलाई गई थी। बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीएम सिटी गुलाब सिंह ने कहा कि सभी केंद्राध्यक्षों को शुचिता पूर्वक परीक्षा कराने का निर्देश दिया। कहा कि परीक्षा में नकल रोकने की जिम्मेदारी केंद्राध्यक्षों की है। वहीं कोविड प्रोटोकाल के साथ परीक्षा कराने का भी निर्देश दिया। इस दौरान डीआइओएस डा. विनोद कुमार राय ने कहा कि परीक्षा में यदि नकल की शिकायत मिली तो संबंधित केंद्राध्यक्षों के खिलाफ कार्रवाई होना तय है। बैठक के बाद डीआइओएस ने क्वींस कालेज में बने आनलाइन कंट्रोल रूम का निरीक्षण भी किया।

वाराणसी मंडल परीक्षार्थियों व केंद्र की संख्या इस प्रकार है

जनपद केंद्र परीक्षार्थी

वाराणसी 15 1031

जौनपुर 21 2139

गाजीपुर 07 1106

चंदौली 05 592

योग 48 4868

जनपद में

1031 परीक्षार्थी

15 केंद्र

04 जोनल मजिस्ट्रेट

05 सेक्टर मजिस्ट्रेट

15 केंद्र व्यवस्थापक

15 पर्यवेक्षक

15 अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक

परीक्षा दो पालियों में

प्रथम पाली : सुबह आठ से 10.15 द्वितीय पाली : दोपहर दो बजे से 4.15

स्नातक से ही छात्राओं में शोध की प्रेरणा जगाएगा एमएमवी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर स्थित महिला महाविद्यालय की छात्राओं में स्नातक स्तर से ही शोध की प्रेरणा जगाई जाएगी। विज्ञान में शोध को उच्च स्तर तक पहुंचाने के लिए इच्छुक छात्राओं को स्नातक कक्षा से ही शोध की तकनीक से अवगत कराया जाएगा। यह जानकारी कार्यक्रम की समन्वयिका प्रोफेसर नीलम श्रीवास्तव ने दी। उन्होंने बताया कि जानकारी न होने के कारण छात्र/ छात्राएं मात्र एक डिग्री प्राप्त करने आते हैं। उनमें सोचने की नवीन क्षमता का विकास हो। इसी को ध्यान में रखते हुए एमएमवी का भौतिक शास्त्र विभाग छात्राओं को शोध कार्यों के लिए प्रेरित करने का प्रयास कर रहा है।व्याख्यानमाला में पूर्व छात्राएं कर रहीं प्रेरितप्रो. श्रीवास्तव ने बताया कि छात्राओं को शोध की तकनीक से अवगत कराने एवं उनको उत्साहित करने के लिए विभाग में एक व्याख्यानमाला की शुरुआत की गई। इसमें यहीं की पूर्व छात्राओं को व्याख्यान के लिए आमंत्रित किया जाता है। इसी क्रम में महाविद्यालय की पूर्व छात्रा महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिहार में सहायक प्रोफेसर डा. श्वेता सिंह ने अपने शोध से संबंधित जानकारी छात्राओं को दी। डा. श्वेता ने प्रयोगशाला में कार्बोनियस ग्रेफीन ऐरोजेल के संश्लेषण के प्रक्रिया की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा कु. रूपल ने किया।

Edited By: Saurabh Chakravarty