वाराणसी, जेएनएन। अधिकोषण तत्व हमारे दैनिक जीवन में बैंकिंग से संबंधित क्रिया कलापों को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ-साथ वाणिज्य के विद्यार्थियों के लिए अच्छे अंक प्राप्त करने के उद्देश्य से भी बहुत उपयोगी विषय है। अंकों की दृष्टि से वाणिज्य के विद्यार्थियों के लिए अधिकोषण तत्व किसी वरदान से कम नहीं है। इसमें बहीखाता व लेखाशास्त्र की भांति प्रश्नों को हल करने के लिए नियमों को याद नहीं रखना पड़ता है बल्कि एकाग्रचित होकर महत्वपूर्ण टॉपिकों का अध्ययन कर समझ विकसित करने की आवश्यकता होती है। यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों को इस बात का ध्यान देना होगा कि इस वर्ष इंटर में सभी विषयों का एक पेपर होगा। एक पेपर होने के कारण परीक्षार्थियों को पूरे मनोयोग से परीक्षा देनी होगी ताकि संबंधित विषयों में अच्छे अंक हासिल किए जा सके। खास तौर पर बैंकिंग पद्धति। अधिकोषण तत्व में अच्छे अंक हासिल करने के लिए बैंकिंग पद्धति की समझ बेहद जरूरी है। इसे समझना कोई कठिन नहीं है। बस ईमानदारी पूर्वक सही रणनीति से तैयारी करने की आवश्कता

कमलाकर चौबे आदर्श सेवा विद्यालय इंटर कालेज के वाणिज्य के प्रवक्ता सुबोध कुमार चौबे के अनुसार यूपी बोर्ड के अधिकोषण तत्व के पेपर में अच्छे अंक हासिल करने के कुछ टिप्स इस प्रकार है।

- संपूर्ण पाठ्यक्रम को पूरी समझ, ज्ञान व अंकों के विभाजन के आधार कर करें अध्ययन।

-परीक्षा की तैयारी के लिए अब बहुत ही कम समय है। ऐसे में किताब से पढऩे के स्थान पर स्कूलों में पढ़ाए गए नोट्स से अध्ययन करें।

- महत्वपूर्ण टॉपिकों का निरंतर अभ्यास करते रहें, ताकि दिमाग में बैठ जाए।

- कोई भी विषय कठिन या सरल नहीं होता है। तैयारी के आधार पर परीक्षार्थी विषय कठिन या सरल लगता है। वहीं रटने से नहीं अभ्यास करने से आत्मविश्वास बढ़ता है।

-अधिकोषण तत्व बहुत ही सरल विषय है। इसमें बैंकों से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं, जिसकी जानकारी प्राय: सभी विद्यार्थियों को होती है। ऐसे में एक बार अध्ययन करने से अधिकोषण तत्व आसानी से समझ में आ जाती है। - लघु उत्तरीय, अति लघु उत्तरीय  प्रश्नों के उत्तर में पूरे-पूरे अंक मिलते हैं। वहीं गलत होने पर पूरे अंक कट भी जाते हैं। ऐसे में लघु उत्तरीय व अति लघुउत्तरीय प्रश्नों का उत्तर देने से पहले दो बार अनिवार्य रूप से प्रश्न पढ़ लेना चाहिए।

-लघु उत्तरीय व अति लघु उत्तरीय प्रश्न घुमा-फिरा कर पूछे जाते है। इससे भ्रमित होने की जरूरत नहीं है।

- अधिकोषण तत्व में भारतीय रिजर्व बैंक, चैक, डाकघर सहित अन्य महत्वपूर्ण टॉपिक है। इन टॉपियों का लिखकर याद करने का करें प्रयास।   

गुरुमंत्र

- अधिकोषण तत्व का पेपर काफी लंबा होता है। अत: उत्तर लिखते समय शब्द की सीमा व समय प्रबंधन का ध्यान देना जरूरी।

- अनावश्यक उत्तर को विस्तार न दें, जितना पूछा जाय। उतना ही लिखें।

-परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए स्पष्ट व साफ लिखने का प्रयास करें।

- सभी प्रश्नों का उत्तर देने का प्रयास करें। कोई भी प्रश्न छोड़े नहीं। यदि कोई प्रश्न कठिन लगना है। तो उसमें समय न बर्बाद करें। उसे सबसे अंत में लिखने का प्रयास करें।

- परीक्षा के दौरान अनावश्यक तनाव न लें। आत्म विश्वास बेहद जरूरी है।

- पेपर मिलते ही तत्काल हल करने पर न जुट जाए। परीक्षा में 15 मिनट पेपर पढऩे के लिए मिलेगा। ऐसे में प्रश्नों को अच्छी तरह समझ लें कि किस प्रश्न में क्या पूछा गया है। इसके बाद उत्तर देने का प्रयास करें।

 - उत्तरपुस्तिका जमा करने से पहले एक बार मिलान कर लें।

- टाइम टेबल बनाकर पढऩे का प्रयास करें।

-देररात तक अध्ययन करने के स्थान पर भोर में पढऩे की आदत बनाएं।  

-गत पांच वर्षों का पेपर व मॉडल पेपर कम से कम पांच बार करें हल।

- महत्वपूर्ण टॉपिक पर ग्रुप बनाकर करें चर्चा।

कैसे-कैसे होंगे प्रश्न

- एक-एक अंक के दस प्रश्न बहुविकल्पीय प्रश्न

-दो-दो अंक के दस अति लघुउत्तरीय प्रश्न। (करीब 30 शब्द)

-पांच-पांच अंक के पांच लघुउत्तरीय प्रश्न। (करीब 100 शब्द)

-दस-दस अंक के चार दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (करीब 250 शब्द)।

किस-किस पाठ से पूछे जाएंगे सवाल

प्रथम इकाई : अधिकोषण : परिभाषा, उत्पत्ति और विकास, साख पत्र - 30 अंक

द्वितीय इकाई : बैंकों की निधि स्रोत, विनियोजन, आर्थिक चिट्ठा, भारत में बैंकों का संकटकाल -20 अंक

तृतीय इकाई : भारतीय अधिकोषण -30 अंक

चतुर्थ इकाई : भारतीय मुद्रा बाजार 20 अंक

 

Posted By: Saurabh Chakravarty

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