वाराणसी, जेएनएन। काशी में पर्यटन उद्योग से जुड़े उद्यमियों व व्यापारियों को सरकार से अबकी बजट में विशेष पैकेज की उम्मीद है। इसके लिए गुरुवार को टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन (टीडब्लूए) ने आगामी बजट को देखते हुए कुछ मांग वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को ईमेल व पत्र (स्पीड पोस्ट) के माध्यम से भेजा गया। साथ ही कुछ सुझाव भी दिए।

एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल कुमार मेहता बताते हैं कि पूर्वांचल के आस पास में पर्यटन की आपार सम्भावनाएं है, विगत वर्षों में पर्यटन विकास में कार्य हो रहे है। केंद्रीय बजट में पूर्वांचल में पर्यटन विकास को एक स्पेशल पैकिज मिलना चाहिए। इससे क्षेत्र में वो सभी चीजें उपलब्ध है जो देशी-विदेशी पर्यटकों को चाहिए। अगर और प्रयास किया जाएं तो पूर्वांचल ई-टूरिज्म व विलेज टूरिज्म का हब बन सकता है।

पर्यटन व्यापार से अॢजत विदेशी मुद्रा को डीम्ड एक्स्पोर्ट मान कर उसको वो सारी सुविधाएं मिलनी चाहिए जो एक्स्पोर्ट में मिलती है। पर्यटन उद्यमी सालों से देश के विदेशी मुद्रा अर्जन में सहयोग कर रहे है लेकिन एक्स्पार्टर्ज की तरह उनको कोई सुविधा नहीं मिल रही है। देश मे कुल विदेशी मुद्रा अर्जन का 11 प्रतिशत योगदान सिर्फ पर्यटन उद्योग का है।

घरेलू पर्यटन को बढ़ाने के लिए, देशी पर्यटकों को भारत के भीतर यात्रा करने के लिए प्रेरित करने के लिए उनके द्वारा अपनी यात्रा के दौरान किए जा रहे खर्च में 50,000 रुपये की राशि को आयकर छूट में शामिल किया जा सकता है। इससे भारत के भीतर यात्रा करने के लिए देशी पर्यटक प्रेरित होंगे। यात्रा और पर्यटन से जुड़े उद्यमियों को भी आसान ऋण मिलना चाहिए। चूंकि कोरोना अवधि पर्यटन इकाइयों की कार्यशील पूंजी इकाइयों को चलाने के लिए पर्याप्त नहीं है और बैंक ऋण मुहैया कराने में असमर्थता जता रहे हैं।

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