वाराणसी में वन विभाग की देखरेख में आजमगढ़ भेजा गया मस्तक, अपने महावत की कर चुका है हत्या
रामनगर की रामलीला में मानसिक संतुलन खो चुके हाथी 'मस्तक' ने अपने महावत छपालु पर हमला कर दिया, जिससे उपचार ...और पढ़ें

रामनगर की रामलीला में आजमगढ़ से आया था मस्तक।
HighLights
हाथी ने रामनगर रामलीला में महावत पर हमला कर दिया।
हमले में गंभीर घायल महावत की उपचार के दौरान मौत।
वन विभाग की देखरेख में हाथी आजमगढ़ वापस भेजा गया।
जागरण संवाददाता, (रामनगर) वाराणसी। विश्व प्रसिद्ध रामनगर की रामलीला में आजमगढ़ के गोसाईगंज से आए चार हाथियों में से एक हाथी के मानसिक संतुलन खोने के साथ महावत पर हमला करने वाले हाथी को वन विभाग की देखरेख में आजमगढ़ भेजा गया।
महावत को गंभीर हालत में बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। 15 घंटे की कड़ी मशक्कत और गोरखपुर से आई वन विभाग की टीम ने किसी तरह उस पर काबू पाया। हाथी मालिक यशवंत सिंह के माफी मांगने पर वन विभाग की टीम ने मस्तक को घर ले जाने की अनुमति दी।
रामनगर की रामलीला में गत 18 अक्टूबर को सुबह रामनगर की पंचवटी मैदान में महावत छपालु के खाना खिलाने के दौरान बेकाबू हो गया। उसे ट्रक पर लादकर ले गए।
उसने महावत पर हमला कर दिया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। महावत को बचाते हुए किसी तरह बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान गत 25 अक्टूबर की उसकी मौत हो गई। करीब 15 घंटे तक हाथी ने आसपास टीन शेड और पेड़ों को नुकसान पहुंचाया था। गोरखपुर और कानपुर चिड़िया घर से आई वन विभाग की टीम ने उसे आंशिक रूप से बेहोश कर उसका उपचार किया।