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झाड़ी में भींगती हुई लावारिस मिली नवजात बच्ची, जिला महिला अस्पताल में चाइल्ड लाइन ने कराया भर्ती

तीन दिन पहले गंगा में मिली लावारिस बच्ची का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा कि गुरुवार की सुबह एक और नवजात बच्ची लावारिस हाल में जखनिया गांव के पास मिली। शौच करने गईं महिलाओं ने उसे गोद में उठाया और आशा कार्यकर्ता सहित पुलिस को सूचना दी।

By Saurabh ChakravartyEdited By: Published: Thu, 17 Jun 2021 05:05 PM (IST)Updated: Thu, 17 Jun 2021 05:05 PM (IST)
झाड़ी में भींगती हुई लावारिस मिली नवजात बच्ची, जिला महिला अस्पताल में चाइल्ड लाइन ने कराया भर्ती
गुरुवार की सुबह एक नवजात बच्ची लावारिस हाल में भुड़कुड़ा कोतवाली क्षेत्र के जखनिया गांव के पास मिली।

गाजीपुर, जेएनएन। तीन दिन पहले गंगा में मिली लावारिस बच्ची का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा कि गुरुवार की सुबह एक और नवजात बच्ची लावारिस हाल में भुड़कुड़ा कोतवाली क्षेत्र के जखनिया गांव के पास मिली। शौच करने गईं महिलाओं ने उसे गोद में उठाया और आशा कार्यकर्ता सहित पुलिस को सूचना दी। फिलहाल बच्ची को चाइल्ड लाइन ने जिला महिला अस्पताल के एनसीसीयू में भर्ती कराया है। उसका वजन महज 14 सौ ग्राम है।

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गांव की महिलाएं अंता देवी, सीमा व चंद्रमुखी गुरुवार की भोर में शौच के लिए निकली थीं। इस दौरान उन्हें गोविंद जखनियां गांव के पास सादात मार्ग पर विश्वनाथ मैरिज हाल के समीप सड़क के किनारे सरपत की झाड़ से उक्त नवजात बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। महिलाएं जब पास पहुंचीं तो झाड़ी के नीचे कपड़े में लिपटी वह बच्ची मिली। बारिश होने के चलते वह भींग रही थी। आगे बढ़कर अंता देवी ने बच्ची को गोद में उठा लिया। फिर गांव की आशा कार्यकर्ता सुमन व 112 नंबर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे एसआइ अशोक ओझा उक्त बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले आए। वहां चिकित्सक डा. महेश यादव ने उसका प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद नवजात बच्ची को जन ग्रामीण विकास संस्थान द्वारा संचालित चाइल्ड लाइन इंडिया फाउंडेशन के टीम प्रभारी मनोज कुमार सिंह व राधिका देवी उस बच्ची को एंबुलेंस से जिला महिला चिकित्सालय ले गए। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. महेश यादव ने बताया कि नवजात शिशु ठीक है। बरसात के कारण ऊपरी त्वचा का प्राथमिक उपचार किया गया है।

उस नवजात बच्ची को अपनाने के लिए उसे पाने वाली तीन महिलाओं में होड़ लग गई। इसके चलते आपस में उन महिलाओं ने नोकझोंक भी की। चाइल्ड केयर के कर्मचारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि उपचार के बाद संस्थान द्वारा बाल कल्याण समिति को बच्ची सौंप दी जाएगी। उसके बाद वहां से उसे शिशु गृह भेजा जाएगा। अगर किसी को गोद लेना है तो इसके लिए कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।


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