वाराणसी, जेएनएन। आंध्र प्रदेश के राज्य सभा सांसद जी बीएल नरसिम्हाराव की पहल पर केंद्र सरकार के आदेश पर धर्मिक नगरी काशी से सोमवार को नौ सौ दक्षिण भारतीय तीर्थ यात्रियों को उनके गंतव्य तक भेजा गया। ये यात्री जा तो रहे हैं लेकिन न तो इनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया है। हालात ऐसे थे कि एक बस में 45 सीटों पर 45 यात्री थे। 12 बसें भोर में चार बजे रवाना की गईं जबकि आठ बसें देर शाम को। इसके अलावा दो क्रूजर से 12 की संख्या में तीर्थ यात्री रवाना किये गए।

यात्रियों की रवानगी जिलाधिकारी के आदेशानुसार एसीएम प्रथम रामसजीवन मौर्य और सीओ भेलूपुर सुधीर जायसवाल की देखरेख में सोनारपुरा से रवाना किया गया। बसें उन्हें आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल लेकर गईं। रास्ते में कुछ और यात्रियों को भी भरा जाएगा। ये सभी दक्षिण भारतीय यात्री सोनारपुरा और आसपास के क्षेत्रों में स्थित मठों और गेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे। उनमें आंध्र तारक आश्रम, साइकिल स्वामी आश्रम, गौड़ीय मठ, केके गेस्ट हाउस, कुमार स्वामी मठ, काशी अन्नपूर्णा यात्री भवन आदि शामिल हैं। सूत्र के अनुसार प्रशासन द्वारा भेजी गई बसों से प्रति यात्री चार हजार रुपये किराया वसूला जा रहा था। विभिन्न आश्रमों में लगभग 250 तीर्थ यात्री हैं जिनके पास किराया देने के लिए रुपये नहीं हैं। उनको इस बात की चिंता सताए जा रही है कि वे अपने घर कैसे पहुंचेंगे।

Edited By: Saurabh Chakravarty