जौनपुर, जेएनएन।  चीन के मुद्दे पर देश व प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता सुरेंद्र प्रताप ङ्क्षसह ने राहुल गांधी एवं कांग्रेस पार्षद जाकिर हुसैन के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में राजद्रोह व अन्य धाराओं में वाद दायर किया है। कोर्ट ने वाद दर्ज कर सुनवाई के लिए पांच अगस्त तिथि नियत की है।

अधिवक्ता सुरेंद्र प्रताप ने कोर्ट में धारा 156(3) के तहत अपने अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव व उपेंद्र विक्रम सिंह के माध्यम से दरखास्त दिया कि वादी की संविधान के प्रति गहरी आस्था है। धारा 370 एवं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विषय में आरोपितों द्वारा की गई टिप्पणियों से व्यथित है। अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव ने तर्क दिया कि चीन के पक्ष व भारत के विरोध में कांग्रेस पार्षद जाकिर हुसैन का भड़काऊ व राजद्रोहात्मक आडियो वायरल हुआ, जो भारत की अखंडता के खिलाफ है। साथ ही प्रधानमंत्री के खिलाफ भी अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया गया है। वादी व गवाह बृजेश सिंह, अजय गुप्ता, विनोद श्रीवास्तव, बृजेश निषाद, सूर्यमणि पांडेय ने मीडिया में इस तरह की खबरों को देख व्यथित हुए। वहीं अधिवक्ता उपेंद्र विक्रम ने तर्क दिया कि कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता राहुल गांधी ने चीन के मुद्दे पर सरेंडर मोदी जैसे शब्द का इस्तेमाल किया। विधि द्वारा स्थापित सरकार के प्रति घृणा पैदा करने का प्रयास किया, जबकि चीन और भारत की सीमा पर सैनिक तैनात हैं और युद्ध की स्थिति बनी हुई है। ऐसी स्थिति में देश को तोडऩे व नफरत फैलाने जैसा कार्य आरोपितों ने किया जो राजद्रोह की श्रेणी में आता है। वादी ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कोर्ट से मांग की है।

जाकिर हुसैन का भड़काऊ व राजद्रोहात्मक ऑडियो वायरल

वादी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि कांग्रेस के पार्षद जाकिर हुसैन का भड़काऊ व राजद्रोहात्मक ऑडियो वायरल हुआ। जिसमें आरोपित कह रहे हैं कि चीन वाले सामने से आकर मारे और भारत की धज्जियां उड़ाकर चले गए। भारत के 200 से ढाई सौ लोग मारे जा चुके हैं जबकि चीन का कोई नहीं मरा है। आरोपित ने प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसे अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया जो चैनल में म्यूट कर दिए गए।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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