सेमी हाईस्पीड ट्रेन में हाट शावर के साथ आरामदायक होगा सफर, अटेंडेंट काल बटन से सीट पर मिलेगी सर्विस
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और ...और पढ़ें

वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का शुभारंभ: वाराणसी से दिल्ली तक आरामदायक सफर।
HighLights
वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस वाराणसी-दिल्ली मार्ग पर शुरू।
आधुनिक सुविधाओं से लैस, 180 किमी/घंटा डिजाइन गति।
कवच सुरक्षा प्रणाली और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। पूर्वांचल और देश की राजधानी दिल्ली के बीच रेल यात्रा को अत्याधुनिक युग में ले जाने वाली बहुप्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की शुरुआत होने जा रही है। सेमी-हाई स्पीड स्लीपर ट्रेन के संचालन से न केवल यात्रियों का सफर आरामदायक होगा, बल्कि समय की भी बचत होगी।
शनिवार को दोपहर बाद 3.30 बजे बनारस स्टेशन पर आयोजित समारोह में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरी झंडी दिखाएंगे। इसी के साथ वाराणसी सिटी-राजातालाब और प्रयागराज रामबाग-बनारस के बीच दो मेमू ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे। इन ट्रेनों के शुरू होने से व्यापारियों, नौकरीपेशा और आम नागरिकों को सुविधा मिलेगी।
वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की ये होगी खासियत
विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस हैं 16 कोच
लंबी दूरी की रात की यात्रा को अत्यधिक सुरक्षित, आरामदायक बनाने के लिए ट्रेन को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। पूरी ट्रेन में कुल 16 वातानुकूलित कोच होंगे, जिनमें 11 कोच थर्ड एसी, 4 कोच सेकंड एसी और 1 कोच फर्स्ट एसी का शामिल है। ट्रेन में एक साथ कुल 823 यात्री सफर का आनंद उठा सकेंगे।
आधुनिक बर्थ और सस्पेंशन
यात्रियों को लंबी यात्रा के दौरान थकान न हो, इसके लिए कोचों में बेहतर कुशन वाली आरामदायक बर्थ और आधुनिक सस्पेंशन प्रणाली लगाई गई है, जिससे झटके और शोर न्यूनतम स्तर पर रहते हैं।
180 किमी प्रति घंटे की डिजाइन गति
ट्रेन को अधिकतम 180 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन गति के अनुसार तैयार किया गया है।
कवच सुरक्षा प्रणाली
ट्रेन में स्वदेशी 'कवच' तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो स्वचालित रूप से ट्रेन की सुरक्षा और टक्कर रोकने में मददगार है।
स्वचालित दरवाजे और वेस्टिब्यूल
ट्रेन के प्रवेश द्वार पूरी तरह स्वचालित हैं और कोचों के बीच सुरक्षित आवागमन के लिए सीलबंद वेस्टिब्यूल दिए गए हैं।
अग्नि सुरक्षा और सीसीटीवी
आग की दुर्घटनाओं से बचाव के लिए आधुनिक फायर डिटेक्शन सिस्टम और हर कोच में यात्रियों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
इमरजेंसी टाक-बैक सिस्टम
किसी भी आपात स्थिति में यात्री सीधे ट्रेन के स्टाफ या लोको पायलट से संवाद स्थापित कर सकेंगे।
स्वच्छता और खानपान
कोचों में हाइजीन बनाए रखने के लिए उन्नत कीटाणुनाशक तकनीक का प्रयोग किया गया है, साथ ही माड्यूलर पेंट्री के जरिए यात्रियों को क्षेत्रीय व्यंजनों का लुत्फ उठाने का मौका मिलेगा।
प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव और मेंटेनेंस व्यवस्था
वाराणसी और नई दिल्ली के बीच लगभग 760 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली यह ओवरनाइट ट्रेन मुख्य रूप से प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद स्टेशनों पर ठहराव लेगी। ट्रेन का प्राथमिक अनुरक्षण कार्य वाराणसी जंक्शन पर किया जाएगा, जबकि सेकेंडरी मेंटेनेंस नई दिल्ली स्टेशन पर होगी। इसके अलावा, मार्ग में पड़ने वाले प्रयागराज और कानपुर सेंट्रल स्टेशनों पर ट्रेन में वाटरिंग (पानी भरने) की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
ये होगा समय
- गाड़ी संख्या 27421 (वाराणसी से नई दिल्ली): यह ट्रेन वाराणसी जंक्शन से प्रतिदिन (नियत दिनों पर) रात्रि 20:50 बजे (रात 8:50 बजे) प्रस्थान करेगी और विभिन्न प्रमुख स्टेशनों से होते हुए अगले दिन सुबह 06:10 बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचेगी।
- - गाड़ी संख्या 27422 (नई दिल्ली से वाराणसी): वापसी की दिशा में यह ट्रेन नई दिल्ली से रात्रि 9:40 बजे चलकर अगले दिन सुबह 07:10 बजे वाराणसी जंक्शन पहुंचेगी।
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