वाराणसी, जागरण संवाददाता। वाहनों के पंजीयन की फाइल परिवहन कार्यालय मंगाने पर परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने प्रदेश के सभी सहायक संभागीय अधिकारी (प्रशासन) को निर्देश दिया है कि किसी भी हालत में वाहनों की फाइल डीलर के यहां से कार्यालय नहीं आनी चाहिए, यदि डीलर वाहनों के पंजीयन फाइल रखने का रिकार्ड रूम नहीं बनाता है तो उसके ट्रेड सर्टिफिकेट निरस्त करें। उप परिवहन आयुक्त वाराणसी परिक्षेत्र एके सिंह ने जोन के सभी एआरटीओ से पंजीयन फाइल के बारे में जवाब मांगा है। यदि फाइल मंगाए जा रहे हैं तो क्यों।

परिवहन कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए शासन ने ज्यादातर व्यवस्थाओं को आनलाइन कर दिया है। अब डीलर ही नए वाहनों का पंजीयन टैक्स काटते हैं। साथ ही अभिलेख परिवहन कार्यालय भेज देते हैं लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। डीलर परिवहन विभाग के वेबसाइट पर वाहनों का पूरा ब्यौरा भरने के साथ पंजीयन टैक्स काट रहे हैं। एआरटीओ व पंजीयन लिपिक उसे अप्रूवल करेंगे लेकिन ऐसा हो नहीं हो रहा है। इसको लेकर पिछले माह परिवहन कार्यालय में एआरटीओ सर्वेश चतुर्वेदी ने डीलरों संग बैठक की तो उन्होंने रिकार्ड रूम बनाने की मोहलत मांगी थी। छह माह से अधिक समय बीतने पर परिवहन मंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी हाल में नए वाहनों के पंजीयन की फाइल कार्यालय नहीं आनी चाहिए। यदि कोई परिवहन अधिकारी फाइल मंगाता है तो उसे दोषी मानते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अभिलेख रखने से भाग रहे डीलर : शासन के निर्देश के बाद भी डीलर नए पंजीकृत वाहनों का अभिलेख रखने से भाग रहे हैं। वह जगह नहीं होने का हवाला दे रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि उक्त वाहन से कोई घटना होने पर डीलर से फाइल मांगी जाएगी। यदि फाइल गायब होती है तो डीलर को दोषी मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।

बोले अधिकारी : जोन के सभी एआरटीओ को हिदायत देते हुए पंजीयन फाइल कार्यालय नहीं मांगनें को कहा गया है। यदि कोई एआरटीओ फाइल कार्यालय मंगाता है तो उसे दोषी माना जाएगा। साथ ही उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति की जाएगी। -एके सिंह, डीटीसी। 

Edited By: Abhishek Sharma