वाराणसी, जेएनएन। बनारस शहर की कई खबरों ने रविवार को चर्चा बटोरी जिनमें सीएम ने किया बीएचयू के अस्‍थाई अस्‍पताल का निरीक्षण, ऑक्सीजन एक्सप्रेस से फिर आया चार कंटेनर, कब खत्‍म होगा कोरोना का कहर, कोविड से ठीक महिला में बीएचयू में फंगल संक्रमण आदि प्रमुख खबरें रहीं। जानिए शाम पांच बजे तक की शहर-ए-बनारस की पांच प्रमुख और चर्चित खबरें।

CM Yogi Adityanath in Varanasi : मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने DRDO के अस्‍पताल का लिया जायजा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को अपने एक दिवसीय दौरे पर दोपहर दो बजे बीएचयू हेलीपैड पर पहुंचे। अधिका‍रियों के अनुसार उनके कार्यक्रम में लगभग आधे घंटे की देरी हो गई है। हेलीपैड से बीएचयू गेस्ट हाउस की ओर आने के बाद वह रवाना होंगे। इस दौरान दो बजे तक उनका समय आरक्षित रखा गया था जबकि दोपहर दो बजे के बाद गेस्ट हाउस बीएचयू से स्पोर्ट्स कांप्‍लेक्‍स वह रवाना होना था। इसके बाद दोपहर में डीआरडीओ के द्वारा बनाए गए अस्पताल का निरीक्षण भी किया। बीएचयू में बैठक के बाद मुख्‍यमंत्री ने प्रेस को संबोधित किया, इस दौरान उन्‍होंने कोरोना से लड़ाई के लिए सरकार के प्रयासों के बारे में अवगत कराया।

वाराणसी में ऑक्सीजन एक्सप्रेस से फिर आया चार कंटेनर, दो कंंटेनर DRDO के BHU अस्‍पताल रवाना

वाराणसी, जेएनएन। पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से ऑक्सीजन एक्सप्रेस रविवार को फिर बनारस होते हुए भदोही के माधो सिंह स्टेशन पहुंची। इस एक्सप्रेस पर ऑक्सीजन से भरे चार कंटेनर लगे हुए थे। इन कंटेनरों को बनारस व आसपास जिलों में कोविड अस्पताल के लिए भेजा गया। यह कंटेनर दुर्गापुर से बनारस के लिए चले थे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर औराई थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह मौके पर मय फोर्स मुस्तैद थे। यहां से दो कंटेनर आक्सीजन ट्रक से वाराणसी के बीएचयू में बन रहे डीआरडीओ के अस्पताल को बाई रोड भेजा गया। तो दो कंटेनर आसपास के अन्य जिलों के लिए रवाना किया गया। दो दिन पहले भी ऑक्सीजन एक्सप्रेस से चार कंटेनर दुर्गापुर से लाए गए थे इन कंटेनर रोको रामनगर स्थित ऑक्सीजन प्लांट भेजा गया जहां से सिलेंडर को रिफिल कर अस्पतालों के लिए रवाना किया गया।

कोरोना महामारी के दूसरे लहर की वजह ज्‍योतिष ने किया उजागर, जानिए कब खत्‍म होगा कोरोना का कहर

वैश्विक महामारी कोविड 19 को लेकर जिस तरह विश्वपटल पर भारत, अमेरिका सहित विश्व के अन्य देशों में महाप्रलय दिख रहा है, उसमें ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 13 दिन के पखवाड़े का अहम योगदान है। गत वर्ष महामारी में भारत को उतना नुकसान नहीं हुआ जितना कि इस वर्ष हुआ है। इससे बचने के लिए सरकार और लोगों द्वारा किए जा रहे सारे इंतजाम नाकाम साबित हो रहे हैं। देश को महामारी से कब निजात मिलेगा कोई भी गारंटी के साथ इस बात को बताने के लिए तैयार नहीं है। ख्यात ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी के अनुसार हिंदी नव वर्ष 2078 के प्रवेश के साथ ही कोरोना की दूसरी लहर ने भारत सहित पूरे विश्व में मौत का तांडव मचा रखा है। उनके अनुसार ज्योतिष की दृष्टि से देखा जाए तो हिंदी नव वर्ष में खगोल मंडल में कई दुरुयोग बने हुए है। पहला इस वर्ष 2078 में जो सबसे बड़ा दुरुयोग बना है, वह संवत 2078 (वर्ष 2021-22) में भाद्र शुक्ल पक्ष 13 दिनों का है।

वाराणसी में कोविड से ठीक हुई महिला बीएचयू में फंगल का संक्रमण, आंखों की रोशनी प्रभावित

वाराणसी, जेएनएन। पोस्ट कोविड रोगियों में सबसे गंभीर समस्या अब फंगल इंफेक्शन (काली फंफूद) की सामने आ रही है, जिसे म्यूकरमाइकोसिस कहा जाता है। नाक से श्वसन नली व खून में मिलकर ये फंगस आंख के रास्ते दिमाग में पहुंचकर जानलेवा साबित हो रहे हैं। बनारस में करीब दस मामले सामने आ चुके हैं। हैरानी की बात है कि इस तरह अधिकतर मामले कोरोना की दूसरी लहर में ही देखे जा रहे हैं। हाल ही में बीएचयू अस्पताल के ईएनटी विभाग में आजमगढ़ की एक पचास वर्षीय महिला को भर्ती किया गया है, जिसके नांक में यह संक्रमण पाया गया है। पीड़ित महिला का इलाज कर रहे ईएनटी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ. सुशील कुमार अग्रवाल ने बताया कि कुछ समय पहले ही कोरोना से ठीक तो हो गईं, मगर उनके चेहरे और नांक में दर्द सा महसूस होने लगा। जांच कराई गई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

Varanasi City Weather Update : बादलों ने दी चढ़ते पारे को राहत, दो दिन बाद फ‍िर सक्रिय होंगे बादल

पूर्वांचल में मौसम का रुख बदलने के साथ ही वातावरण में पछुआ हवाओं ने राहत दे रखी है। हालांकि, तेज हवाओंं के बीच साफ हो चला आसमान दिन चढ़ने पर आसमान से आंच की तल्‍खी भी बरसा रहा है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार आने वाले दिनों में वातावरण का रुख और भी तल्‍ख हो सकता है, जबकि इस दौरान बादलों की आवाजाही लोगों को राहत भी देगी। अनुमानों के अनुसार अब लगभग 37 दिन के बाद मानसून पूर्वांंचल में सोनभद्र के रास्‍‍‍‍ते दस्‍तक देगा। मानसून केआगमन के साथ ही वातावरण की तल्‍खी से लोगों को राहत मिलने लगेगी। रविवार की सुबह सोनभद्र, मीरजापुर, चंदाैली और वाराणसी के कुछ इलाकों में बूंदाबांदी से लेकर जोरदार बारिश और ओलावृष्टि भी हुई है। रविवार की सुबह बादलों की सक्रियता के साथ हुई, हालांकि सुबह आठ बजे के बाद बादल अंचलों में नजर आए और शहर की ओर बादलों की मानों विदायी हो गई। मौसम विज्ञानी मान रहे हैं कि वातावरण में लोकल हीटिंग के साथ ही नमी का स्‍तर भी बढ़ा है जो बादलों की सक्रियता के लिए आवश्‍यक है। वहीं मौसम विभाग ने 11 मई से 13 मई तक बादलों की सक्रियता का अंदेशा जाहिर किया है।