वाराणसी, इंटरनेट डेस्‍क। बनारस शहर की कई खबरों ने बुधवार को चर्चा बटोरीं जिनमें बीएचयू छात्र को दो करोड़ का पैकेज, बुजुर्ग से उचक्‍कागीरी, बीएचयू में काउंसिलिंग, वाराणसी में डा. नीलकंठ तिवारी, जज ने खुद दी फीस आदि प्रमुख खबरें रहीं। जानिए शाम पांच बजे तक की शहर-ए-बनारस की पांच प्रमुख और चर्चित खबरें।

अमेरिका की कंपनी ने दिया बीएचयू आइआइटी के छात्र को दो करोड़ का पैकेज, जानिए और किसकी खुली किस्‍मत

मंगलवार आधी रात के बाद से शुरू आइआइटी बीएचयू के फाइनल इयर के छात्र-छात्राओं का कैंपस प्लेसमेंट अभी भी जारी है। इस बीच संस्थान के एक छात्र को एक अमेरिकन कंपनी ने दो करोड़ का पैकेज दिया है। यह सैन फ्रांसिस्को की सर्विस प्रोवाइडर कंपनी है। पहले ही दिन करोड़ से बोहनी होने से आइआइटी बीएचयू के छात्रों में हर्ष का माहौल है। अन्य चयनित छात्रों की फाइनल सूची शाम तक सामने आने की उम्मीद है। कैंपस सेलेक्शन के लिए बीएचयू आइआइटी के राजपूताना छात्रावास में सारी व्यवस्थाएं की गई हैं। छात्रावास में सैकड़ों कंप्यूटर लगाए गए हैं। लगभग 200 से अधिक देशी-विदेशी बहुराष्ट्रीय कंपनियां छात्रों का साक्षात्कार ले रही हैं। आधी रात 12 बजे के बाद से चल रहा साक्षात्कार का यह क्रम अभी तक लगातार जारी है। लगभग 1500 छात्र इस आनलाइन कैंपस प्लेसमेंट के इंटरव्यू में शामिल हैं।

वाराणसी में पुलिसकर्मी बनकर बुजुर्ग को उचक्कों ने बनाया शिकार, गले से उड़ाया दो लाख रुपए कीमत का चेन

सिगरा थाने से चंद कदम दूर उचक्कों ने पुलिसकर्मी बनकर एक बुजुर्ग के गले से कीमती आभूषण पार कर दिया। जिसकी कीमत लगभग दो लाख रुपए आंकी जा रही है। इस घटना से इलाकाई पुलिस के भी होश उड़ गए। भुक्तभोगी की निशानदेही पर पड़ताल की जा रही है। वहीं, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की सहायता से कथित वर्दीधारियों का पता लगाया जा रहा है। गुलाबबाग (सिगरा) क्षेत्र निवासी दीपक दीवान के अनुसार वह प्रतिदिन सुबह फिजियोथेरपी कराने रथयात्रा जाते हैं। घटना से पहले भी वह फिजियोथीरेपी लेने के बाद घर लौट रहे थे। बताया कि सिगरा थाने से महज 10 मीटर पहले कथित वर्दीधारी बाइक सवार दो युवकों ने उन्हें रोक लिया। उन्होंने दीपक दीवान को अधिकारी के पास चलने का दबाव बनाया। इस पर दीवान ने सवाल किया तो उचक्कों ने क्षेत्र में अपराधिक घटनाओं का हवाला दिया।

Admission In BHU 2021 : बीएचयू में कभी भी जारी हो सकता है अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग लेटर

काफी दिनों से काशी हिंदू विश्वविद्यालय में विभिन्न यूजी-पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों की प्रतीक्षा समाप्त होने वाली है। विश्वविद्यालय से उन्हें आज-कल में काउंसिलिंग लेटर जारी किया जा सकता है। 156 विषयों के लिए लगभग 15000 विद्यार्थियों की काउंसिलिंग की जानी है। इसके लिए बुधवार को विभिन्न विभागों में तैयारियां युद्धस्तर पर जारी रहीं। काउंसिलिंग पोर्टल व अभ्यर्थियों के लिए लिंक व पासवर्ड बनाने का काम जोरों पर था। इस बार बीएचयू की प्रवेश परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के द्वारा ली गई थी। एजेंसी का कार्य आरंभ से ही असंतोषपूर्ण रहा। आधी-अधूरी तैयारियों के बीच एजेंसी ने जैसे-तैसे प्रवेश परीक्षाएं संपन्न कराईं। उसमें भी कई विषयों के परीक्षार्थियों का प्रवेश पत्र परीक्षा शुरू होने के ठीक पहले जारी करने से उनमें भागमभाग की स्थिति बनी। बाद में परीक्षा अन्य तिथि में कराई गई। प्रवेश परीक्षा के बाद परिणाम घोषित करने में एनटीए ने डेढ़ माह से अधिक का समय ले लिया। एक माह बाद तो किसी तरह आनलाइन उत्तर पत्र जारी कर पाए।

वाराणसी में बोले राज्यमंत्री डा. नीलकंठ तिवारी - 'स्वतंत्रता सेनानियों से प्रेरणा लेकर बनेगा आत्मनिर्भर भारत'

राज्यमंत्री डा. नीलकंठ तिवारी ने वाराणसी में कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन से प्रेरणा लेकर हम आत्मनिर्भर भारत का कर सकते हैं। युवा पीढ़ी अपने पुरातन पीढ़ी व उसकी डोर से अलग हो जाएगी तो निश्चित रूप से अपने वास्तविक उद्देश्य से भटक जाएगी। डा. तिवारी प्रादेशिक लोक संपर्क ब्यूरो, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार, लखनऊ की ओर से बुधवार को राजकीय बालिका इंटर कालेज परिसर में आयोजित चित्र प्रदर्शनी को संबोधित कर रहे थे। इसके पूर्व उन्होंने इसका उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने जो सपना देखा था, नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 से ही प्रधानमंत्री बनने उस दिशा में काम शुरू कर दिए। गरीबी उन्मूलन व रोजगार की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। बापू के स्वच्छ भारत की परिकल्पना को पूरा करने की दिशा में प्रयास जारी है। शौचालय, आवास, उज्ज्वला योजना व आयुष्मान भारत ने देश के नागरिकों स्वच्छ व सुंदर जीवन जीने सौगात दी है।

बीएचयू में पैसे के अभाव में नहीं हुआ एडमिशन, जज ने खुद दी फीस, अब बीएचयू को मंत्रालय के निर्देश का इंतजार

धनाभाव के चलते प्रवेश न ले सकी गरीब दलित छात्रा संस्कृति रंजन के मामले में आइआइटी बीएचयू,ज्वाइंट सीट अलोकेशन अथारिटी (जोसा) और भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का पालन करेगा। इस छात्रा के मामले उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने तीन दिनों के अंदर प्रवेश दिलाने का निर्देश जोसा और आइआइटी बीएचयू को दिया है। यही नहीं सीटें भर जाने की स्थिति में भी विशेष व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। इस मेधावी छात्रा के अकादमिक रिकार्ड को देखते हुए खुद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अनिल कुमार सिंह ने उसे अपनी तरफ से 15000 रुपये मुहैया कराए। छात्रा गरीबी और पिता की बीमारी के कारण उत्पन्न आर्थिक समस्या के चलते 15000 रुपयों की व्यवस्था न हो पाने से गणित और कंप्यूटर इंजीनियरिंग से जुड़े कोर्स में प्रवेश लेने से चूक गई थी। उसका दावा है कि अथारिटी को उसने बार-बार पत्र लिखकर उसे रुपयों की व्यवस्था के लिए कुछ समय दिए जाने की गुहार लगाई थी, मगर उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई।

Edited By: Abhishek Sharma