वाराणसी, [श्रवण भारद्वाज]। सर्दियों के मौसम में तुलसी के काढ़े को सेहत के लिए बहुत असरकारी माना जाता है। तुलसी की पत्तियों में पाए जाने वाले औषधीय गुण सर्दी-खांसी और गले की खराश समेत तमाम परेशानियों को दूर करने में मदद कर सकते हैं। वायरल फ्लू और कोरोना संक्रमण से बचने के लिए आप तुलसी के काढ़े का सेवन कर सकते हैं। तुलसी के बीज पत्ते सभी स्वास्थ्य लाभों से भरे होते हैं। तुलसी को वायरल फ्लू और कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है। तुलसी इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए भी लाभदायक मानी जाती है।

सर्दियों के मौसम में तुलसी के काढ़े को सेहत के लिए बहुत असरकारी माना जाता है। तुलसी की पत्तियों में पाए जाने वाले औषधीय गुण सर्दी-खांसी और गले की खराश समेत तमाम परेशानियों को दूर करने में मदद कर सकते हैं।हर भारतीय हिंदू घर में आसानी से आपको तुलसी का पौधा मिल जाएगा। क्योंकि तुलसी को हिंदू धर्म में पूजनीय माना जाता है। असल में तुलसी के बीज पत्ते सभी स्वास्थ्य लाभों से भरे होते हैं। तुलसी में एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी- बैक्टीरियल, एंटी-वायरल, एंटी-फ्लू, एंटी-बायोटिक, एंटी-इफ्लेमेन्ट्री के गुण पाए जाते हैं। तुलसी को वायरल फ्लू से बचाने के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है। तुलसी इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए भी लाभदायक मानी जाती है।

सर्दी-खांसीः सर्दियों के मौसम में तुलसी की पत्तियों से बना काढ़ा पीने से सर्दी-खांसी की समस्या में आराम मिल सकता है।मौसम में बदलाव होते ही सर्दी-खांसी की समस्या होना आम बात है। तुलसी की चाय या काढ़े के सेवन से सर्दी-खासी के अलावा गले की खराश में भी आराम मिल सकता है। सर्दियों के मौसम में तुलसी की पत्तियों से बना काढ़ा पीने से सर्दी-खांसी की समस्या में आराम मिल सकता है।

इम्यूनिटी : तुलसी में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं। सर्दियों के मौसम में रोजाना एक से दो कप तुलसी की चाय या काढ़ा का सेवन कर इम्यूनिटी को मजबूत बना सकते हैं।

वज़न घटाने में प्रयोग : तुलसी को वजन घटाने के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। तुलसी में प्राकृतिक कैमिकल्स होते हैं, जो वजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।

वायरल फ्लू या कोरोना संक्रमण : सर्दियों के मौसम में हम वायरल फ्लू की चपेट में जल्दी आ जाते हैं।वायरल फ्लू और कोरोना संक्रमण से बचने के लिए आप तुलसी के काढ़े का सेवन कर सकते हैं। रोजाना काढ़े का सेवन करने से गले में खिचखिच, खराश, इम्यूनिटी को मजबूत बनाया जा सकता है।

नर्सरी संचालक बोले : नर्सरी संचालक चंदन राजभर व सीता देवी तथा अंजली ने बताया कि तुलसी के बीज द्वारा तुलसी का पेड़ तैयार किया जाता है इसको तैयार करने में एक से डेढ़ महीने का समय लग जाता है। वहीं तुलसी के पेड़ को कलमी करके तुलसी के पौधे को एक सप्ताह में ही तैयार कर लिया जाता है। नर्सरी संचालिका अंजली ने बताया कि बाजार में तुलसी का पौधा 20 से 30 रुपये में बिकता है। यह प्रत्येक नर्सरी में आसानी से मिल जाता है।

Edited By: Abhishek Sharma