मीरजापुर, जेएनएन। जिगना (मीरजापुर) : स्थानीय थानाक्षेत्र के गोनौरा गांव के कुएं में टुुल्लू पंप को पानी से ऊपर करने के लिए नीचे उतरे तीन लोगों की जहरीली गैस से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही गांव में हाहाकार मच गया और लोगों की चीख-पुकार से गांव में मातम फैल गया। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस व फायर ब्रिगेड की टीम ने शवों को निकालने की कोशिश की लेकिन भयंकर गैस की वजह से सफलता नहीं मिली। शाम को प्रयागराज व वाराणसी से एनडीआरएफ की टीम बुलाई गई।

जिगना थानाक्षेत्र के गोनौरा गांव निवासी तौलन के कुएं में लगा टुल्लू बारिश के चतले बढ़े पानी के कारण डूब गया था। इसे ही सही करने के लिए मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे तौलन पाल (65) पुत्र गया प्रसाद रस्सी के सहारे कुएं में उतरे और कुएं की गैस से वे बेहोश हो गए व बाहर नहीं निकल पाए। तौलन के बाहर न आने पर लालमणि पाल उर्फ भूंवर (50) भी कएं में गए और वे भी वहीं फंस गए। इसके बाद मौसी के घर आया अजय पाल (20) पुत्र जगदीश भी कुएं में उतर गया जहां वह भी गैस रिसाव की चपेट मे आ गया। तीनों को कुएं से बाहर न निकलता देख संदीप पुत्र लालबहादुर भी कुएं में उतरने लगा और उसे गैस का अंदाजा लग गया जिससे वह तुरंत बाहर निकल आया। इसके बाद लोगों को पता चला कि कुएं के अंदर जहरील गैस की चपेट में तीनों आ गए हैं। यह सूचना जंगल में आग की तरह फैली और गांव में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस व फायर ब्रिगेड ने शव निकालने की कोशिश की लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर गौरव श्रीवास्तव ने वाराणसी व प्रयागराज से एनडीआरएफ की टीम बुलाई।

 

 

एक के बाद एक मौत के आगोश

गोनौरा गांव की घटना ने सबको हिलाकर रख दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि चंद मिनटों में एक के बाद एक लोग कुएं में उतरते गए और गैस की वजह से जान गंवाते गए। करीब 15 साल पुराना यह कुआं गोनौरा व कुसहां गांव की सीमा पर स्थित है। ग्रामीणों ने बताया कि जब एक व्यक्ति बाहर नहीं निकल सका तो इसकी जांच करने के बाद कुएं में उतरना चाहिए था लेकिन नियति के खेल को भला कौन रोक सकता है। मौसी के घर पहुंचा युवक अजय भी इसी वजह से मौत के आगोश में चला गया।

पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी

कुएं में गैस रिसाव से तीन की मौत की सूचना मिलते ही सबसे पहले स्थानीय पुलिस के साथ अपर पुलिस अधीक्षक एके ङ्क्षसह मय फोर्स पहुंचे और शवों को बाहर निकालने की प्रयत्न शुरू किया गया। इसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंची। कुछ देर बाद ही पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम सदर ने गांव का दौरान कर एनडीआरएफ टीम व आक्सीजन मंगाने की व्यवस्था की है। समाचार लिखे जाने तक रेस्क्यू अभियान जारी रहा।

Posted By: Abhishek Sharma

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