यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 19, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
वाराणसी में हजारों बौद्ध अनुयायियों ने किया बुद्ध अस्थि का दर्शन, सारनाथ में मूलगंध कुटी बौद्ध मंंदिर में आयोजन
वाराणसी के सारनाथ स्थित महाबोधी सोसायटी ऑफ इंडिया के तत्वावधान में मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर के 90 वें वार्षिकोत्सव के ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता वाराणसी। सारनाथ स्थित महाबोधी सोसायटी ऑफ इंडिया के तत्वावधान में मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर के 90 वें वार्षिकोत्सव के मौके पर शुक्रवार को मूलगंध कुटी बौद्ध मन्दिर में हजारों बौद्ध अनुयायियों ने भगवान बुद्ध की अस्थि अवशेष का दर्शन किये। दर्शन के लिए मन्दिर के गेट से मुख्य चोरहे तक कतार लगी थी। जो सुबह 8 बजे से शुरू हुआ।

महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया के सयुक सचिव भिक्षु आर सुमित्ता नन्द थेरो के नेतृत्व में मोती, हीरा से जड़ित फ्लास्क में रखा बुद्ध की अस्थि अवशेष को मन्दिर के हाल में दर्शन के लिए रखा गया। इसके बाद बोध गया, कुशीनगर, श्रावस्ती, नागपुर, नेपाल, सहित थाई बौद्ध मंदिर, वितनामी, कम्बोडिया, जम्बूद्वीप, म्यामांर, जापानी, तिब्बती बौद्ध मंदिर के बौद्ध भिक्षुओं ने कतार बध होकर दर्शन किया। वही बीच बीच मे दर्शन करने आये बौद्ध अनुयायियों को भिक्षु सुमित्ता नंद थेरो ने मास्क लगाने की अपील की। इस दौरान भिक्षु के मेधानकर थेरो, भिक्षु जिगानन्द, भिक्षु मैत्री, भिक्षु चंदिमा, आनन्द, गुरविंदर, शामिल थे। इसके पूर्व मन्दिर में सुबह 7 बजे बुद्ध पूजा हुई।
बुद्धम शरणम गच्छामि की धुन पर निकली धम्म पद यात्रा
कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर शुक्रवार को बुद्धम शरणम गच्छामि की धुन पर भव्य धम्म पद यात्रा निकली। एंव मन्दिर में लोक कल्याण के लिए पूरी रात बौद्ध भिक्षुओं ने महापरित्रण का पाठ किया।
धम्म शिक्षण केंद्र के प्रभारी भिक्षु चंदिमा के नेतृत्व में सुबह 8 बजे मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर से धम्म पद यात्रा निकली। जिसमे सबसे आगे बौद्ध अनुयायी राजेश चन्द्रा एक कलश पर चीवर लेकर एक कुशीनगर के भिक्षु ज्ञानेश्वर चल रहे थे। उसके पीछे बोध गया, कुशीनगर, हरदोई, श्रावस्ती, नागपुर, सीतापुर, सहित अन्य जगहों से आये बौद्ध अनुयायी व बौद्ध भिक्षु हाथों में पंचशील का झंडा लेकर चाइनीज बौद्ध मंदिर, रेलवे स्टेशन, होते धम्म शिक्षण केंद्र पहुँची। जहा पर बौद्ध भिक्षुओ को चीवर दान किया गया। इसके बाद रात 8 बजे से लोक कल्याण के लिए मन्दिर में भगवान बुद्ध प्रतिमा के समक्ष भिक्षु चंदिमा के नेतृत्व में पूरी रात बौद्ध भिक्षुओं ने महापरित्रण का पाठ किया।
