विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन प्राधिकरण से म‍िला इस सेवा को पांच साल का लाइसेंस, बनारस में बेहतर सेवा का वादा

By Digital Desk Edited By: Abhishek sharma
Published: Thu, 08 Oct 2026 03:03 PM (IST)

रैपिडो को उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन प्राधिकरण से पांच साल के लिए लाइसेंस मिला है, जो सितंबर 2031 तक वैध ...और पढ़ें

रैपिडो को यूपी में मिला पांच साल का लाइसेंस, वाराणसी समेत 70 शहरों में सेवाएं होंगी बेहतर।

रैपिडो को यूपी में मिला पांच साल का लाइसेंस, वाराणसी समेत 70 शहरों में सेवाएं होंगी बेहतर।

HighLights

  1. रैपिडो को यूपी परिवहन प्राधिकरण से पांच साल का लाइसेंस मिला।

  2. लाइसेंस सितंबर 2031 तक बाइक, ऑटो, कैब सेवाओं के लिए वैध।

  3. वाराणसी सहित 70 शहरों में ग्राहकों को बेहतर सेवा मिलेगी।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। बनारस जैसे शहरों में जहां ट्रैफ‍ि‍क अपार है वहां ओला उबर और रैप‍िडो जैसी कंपन‍ियों के बीच मारामारी भी काफी है। इस ल‍िहाज से बनारस जैसे शहर में ग्राहकों का भरोसा बनाए रखने के ल‍िए रैप‍िडो ने प्रदेश में पांच वर्षों के ल‍िए लाइसेंस हास‍िल क‍िया है।  

भारत के किफायती मोबिलिटी प्लेटफॉर्म रैपिडो (रोपेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड) को उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन प्राधिकरण से लाइसेंस मिला है। उत्तर प्रदेश मोटर व्हीकल (एग्रीगेटर और डिलीवरी सर्विसेज प्रोवाइडर) नियम, 2026 के तहत जारी यह लाइसेंस पांच साल के लिए, सितंबर 2031 तक वैध रहेगा।

इससे कंपनी राज्य में बाइक, आटो-रिक्शा, कैब और डिलीवरी सेवाएं नियमों के दायरे में संचालित कर सकेगी। रैपिडो के को-फाउंडर पवन गुंटुपल्ली ने बताया कि उत्तर प्रदेश में बाइक टैक्सी, आटो, कैब और डिलीवरी सेवाओं को एक साथ उपलब्ध कराने की बड़ी संभावना है।

नए लाइसेंस से राज्य में ग्राहकों और कैप्टन के साथ बना भरोसा मजबूत होगा और सुविधाजनक, किफायती सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी राज्य के तेजी से बढ़ते मोबिलिटी और डिलीवरी इकोसिस्टम में अपना योगदान बढ़ाने के लिए उत्सुक है।

बताया क‍ि उत्तर प्रदेश में कंपनी की वृद्धि के पीछे शहरों और समुदायों में रोजमर्रा की यात्रा और डिलीवरी को आसान बनाने की जरूरत रही है। विस्तार के साथ रैपिडो ग्राहकों को भरोसेमंद अनुभव देने और अपने कैप्टन व डिलीवरी पार्टनर्स के लिए कमाई के स्थायी अवसर बनाने पर ध्यान देगा। कंपनी ने राज्य के अधिकारियों के साथ काम जारी रखने और 2026 के नियमों में तय मानकों का पालन करने की प्रतिबद्धता जताई है।

उत्तर प्रदेश रैपिडो के अहम बाजारों में शामिल है। कंपनी के अनुसार, उसका प्लेटफॉर्म बनारस जैसे सर्वाध‍िक पर्यटकों वाले ज‍िले से लेकर राज्य के 70 शहरों में उपलब्ध है और यहां हर दिन करीब 3 लाख राइड्स पूरी होती हैं। राज्य के बड़े शहरों और उभरते कस्बों में प्लेटफॉर्म की बढ़ती मौजूदगी आसान, किफायती और तकनीक-आधारित परिवहन की मांग को दर्शाती है।

उत्तर प्रदेश मोटर व्हीकल (एग्रीगेटर और डिलीवरी सर्विसेज प्रोवाइडर) नियम, 2026 राज्य में काम करने वाले एग्रीगेटर्स और डिलीवरी सेवा प्रदाताओं के लिए नियामकीय ढांचा तय करते हैं। इनमें लाइसेंस, नियमों का पालन, सुरक्षा और निगरानी से जुड़ी शर्तें शामिल हैं। कंपनी के अनुसार, लाइसेंस से उन ग्राहकों, कैप्टन और डिलीवरी पार्टनर्स का भरोसा भी मजबूत होगा, जो रोजमर्रा के सफर और डिलीवरी के लिए रैपिडो पर निर्भर हैं।