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वाराणसी में मारे गए माओवादी बृजेश गंझू की पत्नी ने संभाल ली है अब संगठन की कमान, अब एटीएस के न‍िशाने पर

By Digital Desk Edited By: Abhishek sharma
Published: Tue, 03 Nov 2026 04:59 PM (IST)

वाराणसी में मुठभेड़ में मारे गए 30 लाख के इनामी माओवादी बृजेश गंझू की पत्नी ऊषा ने अब प्रतिबंधित टीएसपीसी ...और पढ़ें

माओवादी बृजेश गंझू की पत्नी ऊषा ने संभाली टीएसपीसी की कमान, एटीएस के निशाने पर अब संगठन।

माओवादी बृजेश गंझू की पत्नी ऊषा ने संभाली टीएसपीसी की कमान, एटीएस के निशाने पर अब संगठन।

HighLights

  1. बृजेश गंझू की पत्नी ऊषा ने टीएसपीसी की कमान संभाली।

  2. यूपी एटीएस ने झारखंड एटीएस से जानकारी साझा की।

  3. संगठन लेवी वसूली के लिए प्रतिबंधित ऐप इस्तेमाल करता था।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। झारखंड के प्रतिबंधित माओवादी संगठन टीएसपीसी (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) के मुखिया और 30 लाख रुपये के इनामी बृजेश गंझू के 20 सितंबर को उप्र आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस) के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के बाद उसकी पत्नी ऊषा ने संगठन की कमान संभाल ली है।

सुरक्षा एजेंसी की जांच में यह जानकारी सामने आने के बाद यूपी एटीएस ने झारखंड एटीएस से संपर्क कर सूचनाएं साझा की हैं। दोनों एजेंसियां संगठन को खत्म करने के लिए नए सिरे से कार्रवाई कर रही हैं। एटीएस की जांच में सामने आया है कि संगठन भारत सरकार की ओर से 2023 में प्रतिबंधित एप सेशन और जांगी का इस्तेमाल कर रहा था।

बृजेश के स्वजन और संगठन के अन्य लोग इन एप के माध्यम से लेवी वसूलने के लिए इनका इस्तेमाल कर रहे थे। एटीएस बृजेश की कमाई और उसके निवेश की भी जांच कर रही है। एजेंसी को उसके परिवार के लोगों द्वारा उसकी कमाई के बंटवारे के साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है।

बृजेश ने दो शादियां की थीं। जांच में यह भी सामने आया है कि प्रतिबंधित संगठन ने कई लोगों को सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड में नौकरी दिलाई है, लेकिन वे ड्यूटी पर नहीं जाते। ऐसे लोगों की सूची तैयार की जा रही है। ‘अग्रवाल’ सरनेम वाला एक व्यक्ति बृजेश की पत्नी को लेवी की रकम उपलब्ध कराता था।

एजेंसी इस संबंध में भी ठोस जानकारी जुटा रही है। बृजेश गंझू को झारखंड में गोपाल सिंह भोक्ता, सरदार, तुषार जी, रंजन, फूलचंद और दुलारचंद आदि नामों से जाना जाता था। वह करीब दो दशक से सुरक्षा एजेंसियों को चकमा दे रहा था।

उसकी गिरफ्तारी पर झारखंड सरकार ने 25 लाख और एनआइए ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। 20 सितंबर को वाराणसी के रामनगर में एटीएस के साथ मुठभेड़ में उसके मारे जाने के बाद उसके पास से एक लाख रुपये, एक कार्बाइन, दो पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए थे। उसके खिलाफ पुलिसकर्मियों की हत्या, फिरौती के लिए अपहरण, रंगदारी और आगजनी समेत करीब 50 मुकदमे दर्ज थे। इनमें एनआइए का एक मामला भी शामिल था।

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