सोनभद्र, जागरण संवाददाता। म्याेरपुर ब्लाक क्षेत्र में तीन बनी-बनाई सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर कर दिया गया। इतना ही नहीं इन सड़कों पर काम भी शुरू करा दिया गया। मामला तब खुला जब विगत दिनों डीएम की तरफ से इसकी जांच कराई। इसको लेकर जिलाधिकारी की तरफ ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अधिशासी अभियंता से जवाब तलब करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। शनिवार तक सही जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

जिले में सड़कों की जर्जरता किसी से छिपी नहीं है। कई सड़कें वर्षों से खराब हैं, उनकी सुधि लेने वाला नहीं है। पर यहां पर तो अधिकारियों की मेहरबानी का आलम यह है कि बनी-बनाई सड़कों को ही दोबारा नई सड़क बनाने के लिए टेंडर कर दिया जा रहा है। डीएम की जांच में जब मामला खुला तो सब सच सामने आ गया। म्योरपुर ब्लाक के मुर्धवा-बीजपुर मार्ग से देवरी चौराहा से काचन संपर्क मार्ग का निर्माण वर्ष 2016-17 में जिला पंचायत की तरफ से 86.16 लाख रुपये से कराया गया था। काचन मुख्य मार्ग से झुरझुरिया टोला से भगवानदास के घर तक डेढ़ किलोमीटर सड़क का निर्माण वर्ष 2011-12 में निर्माण खंड की तरफ से 67.12 लाख रुपये से किया गया था।

इसी तरह अभी मात्र छह माह पूर्व इसी वर्ष मई में करहिया से काचन को जोड़ने वाली साढ़े सात किलोमीटर मार्ग बनाया गया था। यह सभी सड़कें अभी अच्छी स्थिति में हैं। सड़क खराब नहीं होने के बाद भी इन सड़कों का निर्माण कराने के लिए पीएमजीएसवाई की तरफ से टेंडर कराकर काम शुरू कर दिया गया। कुछ लोगों की तरफ से इसकी शिकायत जिलाधिकारी की तरफ से की गई थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तीनों सड़कों की जांच कराई तो दंग रह गए। सही सड़क होने के बाद भी मरम्मत की जगह सीधे नए निर्माण कराने का टेंडर करा दिया गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने काम को रोकवाते हुए एक्सईएन से स्पष्टीकरण मांगा है।

बोले अधिकारी : कुछ लोगों की शिकायतों में सड़कों की जांच कराई गई तो पता चला कि देवरी चौराहा से काचन संपर्क मार्ग, झुरझुरिया टोला से भगवानदास के घर तक सड़क व करहिया से काचन को जोड़ने वाली मार्ग अभी ठीक स्थिति में मिली है। इन मार्गों को बनाने की जरूरत नहीं है। इसको लेकर एक्सईएन से स्पष्टीकरण मांगा गया है। - अभिषेक सिंह, जिलाधिकारी।

Edited By: Abhishek Sharma