वाराणसी, जेएनएन। दो दिन पूर्व लापता शिक्षिका का शव शुक्रवार को चौबेपुर के ढकवां गांव स्थित गंगा तट मिला। राजकीय अस्पताल की मर्चरी में रखे शव की शिनाख्त शनिवार को परिजनों ने की। इसके बाद से ही परिजन पुलिस की कार्यशैली से नाराज चल रहे थे। परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और चेतगंज क्षेत्र के तेलियाबाग में मरी माई तिराहे पर शव रखकर रास्‍ता जाम कर दिया। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह व एडीएम सिटी विनय कुमार सिंह ने परिजनों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे एसएसपी को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। बाद में एसएसपी भी मौके पर आए और परिजनों से बातचीत की।

इस दौरान युवती के पिता ने कहा, साहब आ गए अब हम लोगों को न्याय मिलेगा। एसएसपी ने भी बिना देर किए घटना की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का भरोसा दिया तो परिजन शांत हुए और अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर चले गए। युवती के पिता प्रेमनाथ प्रजापति का आरोप है कि बेटी की हत्या की गई है। हालांकि वे कोई ठोस वजह नहीं बता सके। वहीं पुलिस मामले की तह तक पहुंचने के लिए पूछताछ कर रही है। देर रात डीएम की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार महिला चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम में स्पष्ट किया है कि युवती के साथ कोई दुष्कर्म जैसी घटना नहीं हुई है। फिलहाल, पुलिस मौत को संदिग्ध मानकर जांच कर रही है। वहीं एसपी सिटी ने जानकारी दी कि युवती के सिर पर चोट के निशान भी पाए गए हैं। तेलियाबाग नाला के पास रहने वाली 24 वर्षीय युवती प्राइवेट विद्यालय में शिक्षण का कार्य करती थी। इसके अलावा घर की आजीविका के लिए वह छोटे बच्चों को घर जाकर ट्यूशन पढ़ाती थी। बुधवार की शाम को वह ट्यूशन पढ़ा कर घर की तरफ आ रही थी लेकिन वह घर पहुंच नहीं पाई। काफी इंतजार करने के बाद परिजनों की जब चिंता बढ़ी तो उन्होंने प्रीति के मोबाइल पर फोन करना शुरू किया लेकिन उसका मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा था। जहा ट्यूशन पढ़ाने जाती थी वहां संपर्क किया गया तो पता चला कि वह वहा से नियत समय पर निकल चुकी थी। परिजनों ने रात भर रिश्तेदार और परिचितों के यहां जानकारी लेना शुरू किया लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला।

सीमा विवाद में उलझी रही पुलिस

थक हार कर परिजनों ने चेतगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे तो उन्हें तमाम कागजों की आवश्यकता बताकर वहा से भगा दिया गया। परिजनों ने जब सभी कागजात लेकर दोबारा थाने पहुंचे तो वहा उनको बताया गया है कि जहा से लड़की गायब हुई है वह इलाका सिगरा थाने के अंतर्गत आता है। इसलिए, आप लोग सिगरा थाने जाकर गुमशुदगी दर्ज कराएं। परिजन जब सिगरा थाने पहुंचे तो वह वहा भी सीमा क्षेत्र का मामला उठाया गया। काफी जद्दोजहद के बाद अंत में सिगरा थाने ने मामला दर्ज कर लिया। खास यह कि जिस पुलिस अधिकारी को जांच सौंपी गई वह घटना के दूसरे दिन किसी कार्य से प्रयागराज चला गया। यह सब घटनाक्रम में दो दिन का समय बीत गया।

अस्पताल में भी परिजनों का हंगामा

इस बीच शुक्रवार की शाम को चौबेपुर थाना अंतर्गत ढकवां गाव के रहने वाले ग्रामीणों को नदी के किनारे नीले सूट में एक शव बहती हुई दिखाई दी। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंचकर शव को अज्ञात अवस्था में पं. दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय भेज दिया जहां पर शिनाख्त के लिए मर्चरी में रख दिया गया। इस दौरान परिजनों को अखबार में प्रकाशित खबर से आशका हुई तो चौबेपुर थाने पहुंचकर जानकारी ली। फिर पं. दीनदयाल अस्पताल पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम करने से रोक दिया। हंगामा करने लगे। अंत में काफी समझाने बुझाने के बाद परिजन माने और लाश को पोस्टमार्टम के लिए बीएचयू भेज दिया गया। चौराहे के सीसी कैमरे हैं बंद परिजनों ने ट्रैफिक पुलिस के चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे पर भी सवाल उठाया। कहा कि चालान काटने के लिए ये कैमरे काम करते हैं लेकिन जब युवती का पता लगाने की कोशिश की गई तो ये बंद मिले। पिता पान विक्रेता हैं। वहीं युवती एम कॉम के बाद बीएड की पढ़ाई के लिए तैयारी कर रही थी। युवती की शादी के लिए पिता रविवार को लड़का भी देखने जाने वाले थे।

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