वाराणसी [प्रवीण यश]। नए साल में कई देशी व विदेशी विमानन कंपनियों के सेवा शुरू करने से यात्रियों के लिए वाराणसी से अन्य शहरों का सफर सुहाना होगा। हर साल बढ़ती यात्रियों की संख्या के दृष्टिगत कई विमानन कंपनियां एयरपोर्ट पर एंट्री मारने को लालायित हैं। बढ़ती व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता में यात्रियों के सामने विमान चुनने का विकल्प होगा तो कंपनियां सुविधाएं देने में गुरेज नहीं करेंगी। एयरपोर्ट प्रशासन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का कद बढ़ाने के लिए सुविधाएं तेज गति से उपलब्ध करा रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो वर्ष 2020 का हवाई सफर शहर, यात्रियों, विमान कंपनियों के साथ ही एयरपोर्ट के लिए भी खुशनुमा होगा।

गो एयर और एयर एशिया की एंट्री पर मुहर

यूं तो लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अपना विमान उड़ाने को कई कंपनियां लालायित हैं, लेकिन अभी एंट्री की अनुमति दो ही कंपनियों को मिल सकी है। इनमें एक विमानन कंपनी गो एयर की सेवा आगामी 20 दिसंबर से और एयर एशिया की सेवा 15 जनवरी 2020 से शुरू होगी। दोनों कंपनियों के विमान एयरपोर्ट बेड़े में शामिल होने पर संख्या सैकड़ा के इर्दगिर्द जा पहुंचेगी।

20 दिसंबर से उड़ेंगे गो एयर के विमान

गो एयर ने अभी हवाई सेवा शुरुआत की तिथि तो नहीं घोषित की है, मगर शेड्यूल जारी कर दिया है। जिसके अनुसार विमान जी 8-183 रात 10.30 बजे वाराणसी से उड़ान भरकर आधी रात बाद 12.10 बजे दिल्ली में उतरेगा। दिल्ली से जी 8-182 रात 8.30 बजे उड़ान भर कर रात 10 बजे वाराणसी एयरपोर्ट पर उतरेगा। दिल्ली से ही विमान जी 8- 404 सुबह 10.30 बजे उड़ान भरकर 11.40 बजे वाराणसी एयरपोर्ट पर पहुंचेगा। यही विमान वाराणसी से बेंगलुरु के लिए दोपहर 12.20 बजे उड़ान भरकर 2.40 बजे बेंगलुरु एयरपोर्ट पर उतरेगा। इसी तरह अहमदाबाद के लिए विमान जी 8-768 दोपहर 1 बजे उड़ान भरेगा जो 3 बजे अहमदाबाद पहुंचेगा। अहमदाबाद से यही विमान जी 8-767 बनकर सुबह 10.20 बजे उड़ान भरेगा जो दोपहर 12.30 बजे वाराणसी पहुंचेगा।

यात्रियों की भीड़ बढ़ा रही एयरपोर्ट का कद

1,019,973 : यात्री 2014-15 में

1,383,962 : यात्री 2015-16 में

1,916,454 : यात्री 2016-17 में

2,087,581 : यात्री 2017-18 में

2,785,015 : यात्री 2018-19 में

948 करोड़ से बनेगा नया टर्मिनल

एयरपोर्ट पर यात्रियों की बढ़ती संख्या के दृष्टिगत 948 करोड़ रुपये से नया टर्मिनल बनाया जाना है। बजट स्वीकृत है, निर्माण कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा। गंगा की लहरों व शिवलिंग की आकृति में 58691 स्क्वायर मीटर भूमि में निर्माण होना है।

पुराना टर्मिनल भवन 800 यात्रियों की क्षमता वाला

एयरपोर्ट का पुराना टर्मिनल 800 यात्रियों की क्षमता का है। ये वर्ष 2010 में बनकर तैयार हुआ था। इसी टर्मिनल में इमिग्रेशन काउंटर, चेक इन काउंटर, कस्टम काउंटर संग विभिन्न एयरलाइंस व अन्य विभागों के कार्यालय हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए दो एयरोब्रिज, चार एक्सलेटर भी लगे हैं दो एयरोब्रिज का निर्माण कार्य अभी जारी है।

2005 में जुड़ा पूर्व प्रधानमंत्री का नाम

एयरपोर्ट को वर्ष 2005 में पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री का नाम मिला। तब से एयरपोर्ट का कद बढऩे लगा। वर्ष 2012 में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा मिला।

हालांकि, वाराणसी एयरपोर्ट से इसके पहले से ही अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्ग पर विमानों का संचालन किया जाता था। इस एयरपोर्ट से सबसे पहले काठमांडू के लिए विमान ने उड़ान भरी थी।

वाराणसी से इन स्थानों के लिए सेवाएं

वर्तमान समय में बैंकाक, शारजाह, श्रीलंका, मलेशिया, काठमांडू आदि देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय हवाई रूट पर विमान सेवाएं संचालित होती हैं। इस बारे में एयरपोर्ट निदेशक आकाशदीप ने कहा कि यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसी के दृष्टिगत विमानन कंपनियां सेवाएं बढ़ा रही हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी सुविधाएं बढ़ा रहा है। दो एयरोब्रिज, एटीसी भवन का निर्माण जारी है। नया टर्मिनल भवन बनाने का काम जल्द शुरू हो जाएगा। 

 

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