वाराणसी : प्राइवेट संस्थानों को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय सेअंकपत्रों का सत्यापन कराने के लिए अब शुल्क देना ही पड़ेगा। प्रति छात्र 500 रुपये शुल्क जमा करने पर ही विश्वविद्यालय प्राइवेट संस्थानों से आने वाले अंकपत्रों का सत्यापन करेगा। अभी तक इसका कड़ाई से अनुपालन नहीं किया जा रहा था। यह व्यवस्था महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में पहले ही लागू है। सिर्फ सरकारी संस्थाओं से आने वाले अंकपत्रों का मुफ्त सत्यापन किया जाता है। विद्यापीठ की तर्ज पर अब संस्कृत विश्वविद्यालय में इसे लागू किया जा रहा है। गोपनीय विभाग के कर्मचारियों का दावा है कि संस्कृत विश्वविद्यालय में यह व्यवस्था पहले से लागू है। दरअसल, प्राइवेट संस्थानों से अंकपत्रों का सत्यापन कम आता है। जिससे इसकी जानकारी कम लोगों को है। इन दिनों संस्कृत महाविद्यालयों में नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। ऐसे में निजी संस्कृत कालेजों से भी अंकपत्रों का सत्यापन बड़ी संख्या में आ रहा है। प्रति छात्र 500 रुपये शुल्क जमा करने वाले निजी संस्थाओं के ही अंकपत्र सत्यापित कर रिपोर्ट भेजी जा रही। परीक्षा नियंत्रक के निर्देश पर अब इसका कड़ाई से अनुपालन किया जा रहा है।

कोट

निजी संस्थानाओं से आने वाले अंकपत्रों के सत्यापन के लिए प्रति छात्र 500 रुपये का प्रावधान पहले ही लागू है। हालांकि कड़ाई से अनुपालन नहीं हो रहा था। अब इसका कड़ाई से पालन कराया जा रहा है।

- प्रो. राजनाथ, परीक्षा नियंत्रक

Posted By: Jagran

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