वाराणसी : राज्यपाल व कुलाधिपति राम नाईक ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में चल रही नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। नियुक्ति प्रक्रिया स्थगित करने की घोषणा कुलसचिव प्रो. सुधाकर मिश्र ने शुक्रवार की रात 11 बजे की। वहीं नियुक्ति स्थगित होते ही अध्यापकों ने आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया है हालांकि इसकी घोषणा 28 अक्टूबर को आम सहमति से की जाएगी। नियुक्ति प्रक्रिया के विरोध में अध्यापक गत सात अक्टूबर से आंदोलनरत थे। इसके चलते पिछले 21 दिनों से विश्वविद्यालय में पठन-पाठन ठप चल रहा था। इतना ही नहीं आंदोलन के चलते विश्वविद्यालय प्रशासन को 27 अक्टूबर को होने वाला दीक्षांत समारोह स्थगित करना पड़ा। इन घटनाओं को राज्यपाल ने गंभीरता से लिया। शुक्रवार को उन्होंने कुलपति प्रो. यदुनाथ दुबे को राजभवन भी बुलाया था। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय में चल रहे आंदोलन के बारे में कुलपति से जानकारी हासिल की। वहीं कुलपति ने उन्हें विश्वविद्यालय में चल रहीं नियुक्ति प्रक्रिया व आंदोलन के संबंध नए सिरे से पूरी जानकारी दी। इसके बाद कुलाधिपति ने कुलपति से नियुक्ति प्रक्रिया स्थगित करने का निर्देश दिया। लखनऊ से लौटने के बाद कुलपति ने इसकी जानकारी कुलसचिव प्रो. सुधाकर मिश्र को दी। इस क्रम में कुलसचिव ने नियुक्ति स्थगित करने का रात में ही आदेश जारी कर दिया।

दीक्षांत की नई तिथि जल्द : आंदोलन के चलते विश्वविद्यालय प्रशासन ने 27 अक्टूबर को होने वाला दीक्षांत समारोह अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया है। दूसरी मुख्य अतिथि को लेकर भी संशय बना हुआ है। दीक्षांत समारोह के लिए मुख्य अतिथि के लिए कुलपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा है। पीएमओ से अब तक स्वीकृति नहीं मिली है। वहीं राज्यपाल से कुलपति से मुख्य अतिथि का नाम जल्द से जल्द तय करने का निर्देश दिया है ताकि दीक्षांत समारोह की नई तिथि जारी की जा सके।

Posted By: Jagran

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