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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 23, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बीएचयू : 'स्पंदन' में आतंकवाद के खिलाफ युवाओं की हुंकार, उत्सव का औपचारिक आगाज

By Abhishek SharmaEdited By:
Published: Sat, 23 Feb 2019 10:58 PM (IST)Updated: Sun, 24 Feb 2019 07:45 AM (IST)

स्पंदन-2019 का औपचारिक उद्घाटन शनिवार को हुआ इस दौरान विवि के संभी संकायों ने झांकियां निकाल कर पर्यावरण संरक्षण सहित आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का प्रदर्शन किया।

बीएचयू : 'स्पंदन' में आतंकवाद के खिलाफ युवाओं की हुंकार, उत्सव का औपचारिक आगाज
बीएचयू : 'स्पंदन' में आतंकवाद के खिलाफ युवाओं की हुंकार, उत्सव का औपचारिक आगाज

वाराणसी, जेएनएन। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के अंतर संकाय युवा महोत्सव स्पंदन-2019 का औपचारिक उद्घाटन शनिवार को हुआ। इस दौरान विवि के संभी संकायों ने झांकियां निकाल कर पर्यावरण संरक्षण सहित आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का प्रदर्शन किया। 

मुख्य अतिथि संगीतज्ञ पद्मभूषण पंडित राजेश्वर आचार्य ने कहा कि युवा ही हमारे देश के भविष्य हैं। इसलिए नए भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए योगदान का निर्धारण भी जरूरी है। इससे पूर्व सभी विभागों की ओर से 'सांस्कृतिक परंपराएं हमारा गौरव' विषय पर आधारित झांकियां निकाली गई, जिनमें आतंकवाद का मुद्दा छाया रहा, तो वहीं पर्यावरण संरक्षण की तड़प भी युवाओं में दिखी। आतंक के सरमाएदारों को चेतावनी देते हुए राष्ट्रीय एकता के महत्व को दर्शाया गया। झांकियों के माध्यम से बताया गया कि जेहाद का अर्थ है जद्दोजहद यानी संघर्ष। अपने वतन अपने लोगों की खातिर मर मिटना ही असली जेहाद है। आतंक के ठेकेदारों ने युवाओं को भ्रमित करने के लिए इसकी परिभाषा ही बदल दी।

इंसानियत के इन दुश्मनों के मंसूबे अब कामयाब नहीं हो सकते, क्योंकि देश का हर नागरिक इनकी चाल समझ चुका है। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़-पौधों की अहमियत बताई गई। साथ ही कचरा प्रबंधन व कागज के कम से कम प्रयोग के लिए भी जागरूक किया गया। इससे पूर्व लेक्चर थिएटर कांप्लेक्स-विज्ञान संकाय, डा. केएन उडप्पा सभागार व स्वतंत्रता भवन में निबंध लेखन, मिमिक्री व टर्नकोट स्पर्धा आयोजित हुई। 

ज्ञात हो कि पांच दिवसीय महोत्सव में नृत्य, गीत, संगीत, नाट्यकला एवं दृश्यकला संबंधी कुल 31 प्रतियोगिताएं होंगी, जिनमें करीब दो हजार छात्र-छात्राएं प्रतिभाग कर रहे हैं। संयोजन प्रो. राकेश कुमार सिंह, डा. प्रभाकर सिंह, डा. धीरेंद्र राय, डा. बाला लखेंद्र, डा. रजनीश कुमार सिंह व डा. सत्यप्रकाश ने किया। वहीं निर्णायक मंडल में प्रो. सुशीला सिंह, प्रो. सीएम चतुर्वेदी व एएस रघुवंशी रहे। स्वागत प्रो. जेके रॉय व अध्यक्षता एवं धन्यवाद ज्ञापन छात्र अधिष्ठाता प्रो. एमके सिंह ने किया। इस अवसर पर कुलसचिव डा. नीरज त्रिपाठी, प्रो. केके सिंह आदि थे।

कलाकारों-फनकारों की नकल कर गुदगुदाया : केएन उडप्पा सभागार में आयोजित मिमिक्री प्रतियोगिता में 13 प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अमिताभ बच्चन, नाना पाटेकर, सनी देओल, डा. मशहूर गुलाटी सहित अन्य फिल्मकारों व फनकरों की नकल उतार कर प्रतिभागियों ने श्रोताओं को गुदगुदाया। उधर, विज्ञान संस्थान के व्याख्यान कक्ष में 49 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वहीं स्वतंत्रता भवन में टर्न कोट स्पर्धा में प्रतिभागियों को एक ही विषय के पक्ष व विपक्ष दोनों पर बोलना था।