सोनभद्र, जेएनएन। घोरावल के उभ्भा गांव में भूमि पर कब्जे को लेकर हुए नरसंहार के खिलाफ नगर में भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जुलूस निकाला। कचहरी में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भारी संख्या में कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। घंटों कोतवाली में बैठाए रहने के बाद शाम पांच बजे उन्हें बिना शर्त रिहा कर दिया गया।

 भाकपा माले के जिला कार्यालय से सोमवार को दोपहर में 12 बजे जुलूस निकाला। राबट््र्सगंज मेन चौक, विवेकानंद प्रेक्षागृह, महिला थाना होते हुए जुलूस सदर तहसील में दोपहर बाद दो बजे सभा के रूप में तब्दील हो गया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार आदिवासियों को मुआवजा तो दे रही लेकिन भूमि के विनियमितीकरण के मामले में चुप्पी साध ले रही है। उभ्भा नरसंहार मामले में जिला प्रशासन के तमाम अधिकारी लीपापोती कर रहे हैं। नरसंहार घटना के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस्तीफे की मांग की। इसके अलावा जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को भी निलंबित किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई। सदर तहसील परिसर में सभा के दौरान ही पुलिस ने सभी को घेर लिया और 50 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर तीन बजे कोतवाली लाया गया। काफी जद्दोजहद के बाद पुलिस ने आला अधिकारियों से वार्ता कर शाम पांच बजे बिना शर्त रिहा कर दिया। इस मौके पर श्रीराम चौधरी, ओमप्रकाश ङ्क्षसह, शशिकांत कुशवाहा, शंकर कोल, बिगनराम, लालजी भारती, नोहर भारती, बाबूलाल भारती, लालती देवी, मुन्नी, रामवृक्ष कोल, मोहम्मद कलीम आदि मौजूद रहे।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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