आजमगढ़, जेएनएन। बिलरियागंज के मौलाना जौहर अली पार्क में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में चल रहा महिलाओं का धरना-प्रदर्शन बुधवार तड़के बवाल में तब्दील हो गया। पुलिस ने उपद्रवियों को गिरफ्तार करने की कोशिश की तो पथराव शुरू हो गया। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस संग लाठी पटकनी पड़ी। उलमा कौंसिल के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना ताहिर मदनी समेत 18 को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है। सपा विधायक आलमबदी आजमी, विधायक नफीस अहमद, सपा के निर्वतमान जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, राष्ट्रीय उलमा कौंसिल के प्रवक्ता तलहा रशादी ने गिरफ्तार लोगों की रिहाई एवं पुलिस कार्रवाई के विरोध में जिलाधिकारी से मुलाकात की जो बेनतीजा रही।

बिलरियागंज में महिलाएं सीएए के विरोध में एक पखवारे पूर्व लामबंद हुईं थीं। पुलिस उन्हें दो बार समझाकर शांत करने में सफल हो गई। मंगलवार को तीसरी बार सुबह 11 बजे महिलाएं पहुंचीं तो उन्हें समझाने के प्रशासनिक प्रयास फेल हो गए। महिलाओं को अधिकारी समझाकर वापस भेजते तो कुछ दूर जाने के बाद वे लौट आ रहीं थीं। आधी रात तक चले इस क्रम के बाद सरकारी मशीनरी महिलाओं की वापसी को कुछ लोगों के उकसाने का नतीजा समझ गिरफ्तारी की कोशिश की तो बात बिगड़ गई। इस दौरान ईंट-पत्थर चलने शुरू हो गए। जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। देर तक चले गुरिल्ला युद्ध के बाद पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया जिसमें एक महिला भी शामिल है। कांग्रेस के लोगों ने धरना देने की कोशिश की लेकिन पुलिस प्रशासन की सख्ती के आगे बैकफुट पर आना पड़ा। उधर, बिलरियागंज में बवाल के बाद पुलिस ने मौलाना जौहर अली पार्क में पानी भर दिया। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने महिलाओं पर लाठी चलाईं, पथराव कर खदेड़ा। जिसमें कइयों को चोट आई है। 

सख्ती शुरू, तीन उपद्रवियों पर 25-25 हजार का इनाम 

एसपी त्रिवेणी कुमार सिंह ने कहा कि जिले में धारा 144 लागू है। बगैर अनुमति के धरना-प्रदर्शन करने पर कार्रवाई की जाएगी। बिलरियागंज कस्बा में उपद्रव करने वाले व उन्हें उकसाने वालों को चिन्हित कर लिया है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। नुरुल होदा, ओसामा एवं मीर्जा शाहने आलम की गिरफ्तारी के लिए 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। उपद्रवियों की तलाश की जा रही है। मौलाना ताहिर मदनी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी मौलाना जौहर अली पार्क में महिलाओं व बच्चों को आगे कर लाठी, डंडा, ईंट-पत्थर, अस्त्र, शस्त्र लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे थे। सरकार व राष्ट्र विरोधी भाषाओं का प्रयोग कर रहे थे। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के खिलाफ व उत्तेजित करने वाले धर्म विरोधी नारेबाजी करते हुए सड़क जाम करने लगे, जिसपर कार्रवाई की गई। कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।   

बोले अधिकारी

मैं पूरी रात मौके पर मौजूद रहा। महिलाएं मुझसे बातचीत के बाद संतुष्ट होकर लौट जा रहीं थीं। इंटेलीजेंस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। फोर्स को निर्देश था, किसी को चोट नहीं लगनी चाहिए। महिला को मामूली धारा में गिरफ्तार कर उसकी भूमिका जांची जा रही है। -नागेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी।

Edited By: Abhishek Sharma