जागरण संवाददाता, मीरजापुर : शारदीय नवरात्र में विंध्य धाम आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो, इसके लिए तीन एंट्री प्वाइंट बनाए गए हैं। प्रभारी धाम सुरक्षा चंद्र प्रकाश पांडेय के मुताबिक न्यू वीआइपी मार्ग, जयपुरिया गली व थाना कोतवाली रोड से लोग मंदिर की ओर प्रवेश करेंगे। दर्शन-पूजन करने के बाद तीनों ओर से निकास द्वार मंदिर के पूरब तरफ किया गया है जो थाना कोतवाली रोड जाती है। इसको भी तीन भागों में विभाजित किया गया है। यहां से बैरिकेंडिंग किए गए रास्तों के माध्यम से लोग जहां से आए थे, उधर ही निकल जाएंगे।

न्यू वीआइपी से पुरोहित अपने यजमानों को प्रथम गर्भ गृह में तक ले जाएंगे जहां दर्शन-पूजन कराएंगे। इसके अलावा न्यू वीआइपी से वीआइपी के लिए एक रास्ता रहेगा जहां से वीआइपी मां के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। इसके अलावा एक लाइन सामान्य श्रद्धालुओं के लिए भी रहेगा। इसके अलावा जयपुरिया गली से दूसरा एंट्री प्वाइंट बनाया गया है।

यहां एक जयपुरिया गली से और दूसरे पक्का घाट से होकर श्रद्धालु गभ गृह द्वितीय में पहुंचेंगे जहां मां का दर्शन-पूजन करेंगे। इसके अलावा तीसरा एंट्री प्वाइंट थाना कोतवाली रोड से बनाया गया है। इस रास्ते से आने वाले श्रद्धालु केवल झांकी दर्शन ही कर पाएंगे। प्रभारी धाम सुरक्षा ने बताया कि श्रद्धालुओं को धूप से बचाने के लिए टेंट लगाया गया है, वहीं नीचे जमीन पर मैट बिछाई गई है। इसके अलावा पंखों की भी व्यवस्था की जाएगी। यदि किसी श्रद्धालु के पास मोबाइल फोन है तो वह मंदिर के अंदर प्रयोग नहीं कर पाएंगे।

फूलों से की जा रही मंदिर की सजावट

मंदिर को फूलों से सजाया जा रहा है। इसके लिए देश के ही कई महानगरों से फूल मंगाए गए हैं। इसके अलावा दिल्ली से भी कारीगरों को मंदिर सजाने के लिए बुलाया गया है। वहीं दिव्यांगजन के लिए फैसिलिटेशन सेंटर बनाया जाएगा। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को व्हीलचेयर की मदद से दर्शन-पूजन कराने का निर्णय लिया गया है।

मुंडन के लिए स्थल निर्धारित

मुंडन स्थल मंदिर के पूरब में खाली स्थान बनाया गया है। यह पहले जयपुरिया गली अन्नपूर्णा मंदिर के सामने होता था। यहां डिस्पले बोर्ड भी लगाया जाएगा। जयपुरिया के रास्ते सीढ़ियाें से मंदिर के ऊपर जाकर पाठ कर सकते हैं। हवन कुंड पुरानी वीआइपी की तरफ से बनाया गया है जो मंदिर से पश्चिम में किया जाएगा।

सिर्फ चार घाटों पर ही कर सकेंगे स्नान

गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कुछ घाटों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। श्रद्धालु सिर्फ अखाड़ा घाट, दीवान घाट, दुर्गा घाट व पक्का घाट पर ही स्नान कर सकेंगे। शेष घाटों पर सुरक्षा की दृष्टि से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

Edited By: Saurabh Chakravarty