वाराणसी, जेएनएन। माघ कृष्ण चतुर्थी को भगवान गणेश का जन्मोत्सव मनाने की परंपरा है। इस बार यह व्रत पर्व 13 जनवरी को पड़ रहा है। चतुर्थी तिथि रात 8.08 बजे लगेगी और चंद्रोदय रात 8.14 बजे होगा। धर्म शास्त्रीय विधान के अनुसार जिस तिथि में चंद्रोदय होता है, उसी तिथि में चतुर्थी मनाई जाती है।

ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी ने बताया कि भगवान गणेश की विघ्न विनाशक तथा सभी तरह के संकटों से मुक्ति दिलाने वाले देवता के रूप में मान्यता है। लोक मान्यता है कि गणेश चतुर्थी पर पुत्र के दीर्घायु व संतान सुख की सभी मनोकामना पूर्ण होने के लिए महिलाएं व्रत करती हैं। तिथि विशेष पर सुबह स्नानादि से निवृत्त हो कर संकल्पों के साथ दिन भर व्रत रखती हैं। रात में चंद्र दर्शन कर अघ्र्य देकर पारन करती हैं।

श्रीनारदीय पुराण में वाणिक महर्षि व्यास के कथनानुसार सर्वप्रथम द्रौपदी सहित पांडवों ने इस व्रत को किया था। इसके प्रताप से कौरवों की हार हुई, पांडवों को राज्याधिकार मिला व दीर्घायु हुए।

गणेश चतुर्थी पर रूट डायवर्जन

सोमवार को गणेश चतुर्थी पर लोहटिया स्थित बड़ा गणेश मंदिर पर उमडऩे वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यातायात विभाग ने कई मार्गों पर रूट डायवर्जन किया है।

एसपी ट्रैफिक श्रवण कुमार सिंह के अनुसार लहुराबीर से मैदागिन की तरफ जाने वाले बड़े वाहन (चार पहिया/तीन पहिया) को पिपलानी कटरा से नाटी ईमली पुलिस चौकी की तरफ मोड़ दिए जाएंगे। डायवर्ट हुए वाहन डीएवी डिग्री कालेज होते हुए मैदागिन की तरफ निकलेगें या नाटी ईमली चौकी के सामने होते हुए पानी टंकी चौकाघाट की तरफ से अपने गंतव्य की तरफ जा सकेंगे।

-मैदागिन चौराहे से लहुराबीर की तरफ आने वाले सभी वाहनों को विश्वेश्वरगंज की तरफ डायवर्ट कर दिया जायेगा, जो विश्वेश्वरगंज से गोलगड्डा व मछोदरी होकर गंतव्य को जाएंगे।

- मैदागिन चौराहे से डीएवी डिग्री कालेज की तरफ किसी भी वाहन को नहीं जाने दिया जायेगा। बल्की उन वाहनों को विश्वेश्वरगंज की तरफ डायवर्ट कर दिया जायेगा।

- बेनियाबाग की तरफ से आने वाले वाहनों को मैदागिन की तरफ नहीं जाने दिया जायेगा। उन वाहनों को कबीरचौरा से लहुराबीर की तरफ डायवर्ट कर दिया जायेगा।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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