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वाराणसी में जेन जी के भटकाव को दूर करने का रास्ता बताएंगे साधु-महात्मा

By Saurabh Agrawal Edited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 30 Oct 2026 08:12 PM (IST)

काशी में 3 से 5 नवंबर तक आयोजित होने वाली 'संस्कृति संसद 2026' में 'जेन जी कान्क्लेव' मुख्य आकर्षण होगा। ...और पढ़ें

वाराणसी में संस्कृति संसद: जेन जी को मिलेगा साधु-संतों का मार्गदर्शन।

वाराणसी में संस्कृति संसद: जेन जी को मिलेगा साधु-संतों का मार्गदर्शन।

HighLights

  1. काशी में संस्कृति संसद 2026 का आयोजन।

  2. जेन जी कान्क्लेव में युवाओं का मार्गदर्शन।

  3. भारतीय संस्कृति और राष्ट्रधर्म से जुड़ाव।

जागरण संवाददाता, वाराणसी!\। जेन जी के भटकाव को दूर करने और उनके मन की बात को जान- समझकर साधु- महात्मा और विद्वतजन उनका मार्गदर्शन करेंगे। युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने, भारतीय ज्ञान परंपरा, ग्राम्य संस्कृति और राष्ट्रधर्म का भाव जागृत करने के लिए धर्म नगरी काशी में तीन से पांच नवंबर तक देश भर के साधु- संत और विभिन्न संस्थानों के विद्वान जुटेंगे।

''संस्कृति संसद 2026'' में इस वर्ष मुख्य आकर्षण ''जेन जी कान्क्लेव'' होगा, इसमें संत और विद्वानों नई पीढ़ी से सीधा संवाद कर उनकी जिज्ञासा शांत करेंगे और नव भारत के निर्माण में उनकी भूमिका बताएंगे।

अखिल भारतीय संत समिति व गंगा महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि आधुनिक जीवनशैली और डिजिटल दौर में युवा पीढ़ी कई मानसिक द्वंद्वों और भटकाव से जूझ रही है। ऐसे में देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों से आमंत्रित युवाओं से संत और विशेषज्ञ सीधा संवाद करेंगे।

युवाओं के मन की बात सुनकर उनकी जिज्ञासाओं, तार्किक प्रश्नों और समकालीन शंकाओं का समाधान वैज्ञानिक व आध्यात्मिक परिप्रेक्ष्य में दिया जाएगा। भारतीय संस्कृति केवल धरोहर के रूप में सहेजने की वस्तु नहीं है, बल्कि इसे आधुनिक विज्ञान, ज्ञान और नई पीढ़ी के दैनिक जीवन से जोड़ना समय की मांग है।

इस महामंथन का केंद्रीय उद्देश्य युवाओं में संस्कारों के बीज अंकुरित करना, नैतिक मूल्यों का संरक्षण और नव भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका तय करना है। जेन जी कान्क्लेव में 90 प्रतिशत सहभागिता युवाओं की होगी।

चित्रकला व फोटोग्राफी प्रतियोगिता में चमकेंगे प्रदेश के धरोहर
संस्कृति संसद के तहत प्रतिदिन सुबह 10 से शाम चार बजे तक मुख्य वैचारिक सत्र आयोजित होंगे। वहीं, परिसर में रचनात्मक गतिविधियां भी होंगी। श्रीराम, कृष्ण व शिव की पावन भूमि के धरोहर, संरक्षण, संवर्धन विषय पर अंतरराष्ट्रीय चित्रकला व राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फोटोग्राफी प्रदर्शनी लगायी जाएगी। बच्चों की चित्रकला व रंगोली प्रतियोगिता भी होगी। शाम को राष्ट्र, धर्म, संस्कृति और संस्कार पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होगी।

700 युवाओं ने कराया रजिस्ट्रेशन
जेन जी कान्कलेव में शामिल होने के लिए देश भर से युवा पंजीकरण करा रहे है। काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि लगभग 700 युवाओं ने पंजीकरण कराया है। कार्यक्रम के दौरान भी पंजीकरण की व्यवस्था की गई है, जिससे ज्यादा से ज्यादा युवा इसमें शामिल हो सकें।

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