वाराणसी, [अशोक सिंह]। मनरेगा से लोगों को काम देने में जनपद अपने पूर्व के रिकाॅर्ड को तोड़ कर काफी आगे निकल गया है। जिले में 2008-09 से शुरू हुए मनरेगा कार्यों के बाद कभी भी एक दिन में एक साथ 11000 से अधिक श्रमिकों को रोजगार नहीं मिला था। जिसे लॉकडाउन में इसे पीछे छोड़ते हुए एक दिन में 30370 कार्य दिवस रोजगार सृजित कर 760 ग्रामसभाओं में से 692 गांवों में काम शुरू हो गया है।

छह गांवों में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद हॉटस्पॉट बना दिया गया है। इस कारण वहां काम नहीं शुरू हो पाया है। वैसे ज्यादातर स्थानीय मजदूर ही अभी कार्य कर रहे हैं। प्रवासी मजदूर अभी होम क्वारंटाइन में हैं। फिलहाल, अभी अधिकतर जल संरक्षण के कार्यों को शुरू किया गया है। साथ ही कृषि संबंधी कार्य, अधूरे तालाब पूरे करने, नए का चयन करने, पौधरोपण के गड्ढे, मेड़बंदी, संपर्क मार्ग आदि कार्य शुरू किए गए हैं।

मनरेगा  उपायुक्त करुणाकर अदीब ने बताया कि  मनरेगा मांग आधारित योजना है। इसमें साल भर में मांग के आधार पर 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। प्रदेश सरकार के निर्देश पर सभी को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

वर्तमान में जनपद की स्थिति -

08-              कुल विकास खंड

151782-      पंजीकृत मनरेगा मजदूर

70864-        सक्रिय मनरेगा परिवार

698-            अब जिले में कुल ग्रामसभा

62-              ग्राम सभा नगर निगम में शामिल

06-              हॉटस्पॉट के कारण काम बंद

20000-        आने वाले हैं प्रवासी मजदूर

12000-         अब तब आए मजदूर

Posted By: Saurabh Chakravarty

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