वाराणसी : शनिवार को हल्की बरसात और दोपहर में खिली धूप के बाद रविवार को सुबह आसमान में बादलों का कब्जा रहा। कुछ जिलों में मामूली बूंदाबांदी से खेतों में राहत की स्थिति है। शनिवार को कई दिनों बाद दोपहर में धूप तो खिली मगर जल्द ही जहां बादलों ने फिर से आसमान में अपना कब्जा जमा लिया। वहीं पहाड़ी इलाकों खासकर सोनभद्र, मीरजापुर और चंदौली में बेहतर बरसात होने से नदी नालों में उफान से दुश्वारियां भी बढ़ गई हैं।

बूंदाबांदी शनिवार को होने के बाद बादलों से बेहतर बारिश का इंतजार रविवार को भी रहा। हालांकि बादलों की आवाजाही के बीच पूर्वाचल में रह रहकर बारिश भी बादल करा रहे हैं। मानसूनी बारिश से एक ओर जहां गर्मी से समूचे पूर्वाचल में राहत है वहीं बारिश होने से किसानों को भी राहत मिली और मानसून की देरी के बाद अब खेती किसानी का दौर शुरु हो चुका है। पूर्वाचल के कई जिलों में कच्चे घर गिरने की घटनाएं हुई हालांकि इसमें कहीं कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई। रविवार को अधिकतम तापमान जहां 31.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया था वहीं न्यूनतम 25 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अधिकतम आ‌र्द्रता 85 फीसद तो न्यूनतम आ‌र्द्रता 77 फीसद दर्ज की गई। बीते चौबीस घंटों में वाराणसी में लगभग 3.7 मिमी तक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय के अनुसार मानसूनी सक्रियता से परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। आने वाले दिनों दो से तीन दिनों तक और भी मानसूनी सक्रियता से रह रहकर बारिश होती रहेगी।

वहीं दूसरी ओर उत्तर भारत में बारिश होने से गंगा में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। जबकि पूर्वाचल में घाघरा मऊ जिले में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जिससे कटान का खतरा तटीय इलाकों में बढ़ गया है।

Posted By: Jagran

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